ब्लोअर और हीटर बंद रहे, ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते रहे लोग, बुजुर्ग और बच्चों को ज्यादा परेशानी
सिरौली। कस्बा सहित 24 गांवों में विद्युत आपूर्ति के लिए आंवला से आ रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन में सोमवार की रात 10 बजे खराबी आने के कारण 18 घंटे बिजली गुल रही। इससे रातभर कस्बा और क्षेत्र के गांव अंधेरे में डूबे रहे। मंगलवार सुबह पानी का संकट रहा। घरों में ब्लोअर और हीटर बंद रहे। कड़ाके के सर्दी से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को हुई। सुबह दस बजे जब बिजली आपूर्ति सुचारू हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
लोगों ने बताया कि सोमवार रात बिजली गुल होने के बाद रातभर बिजली नहीं आई। बिजली नहीं आने से सुबह में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ गया। इससे लोगों के नियमित दिनचर्या पर असर पड़ा। तमाम लोग बिना स्नान करे अपने कामकाज पर चले गए। घरों-दुकानों पर हीटर बिजली पर संचालित सारे उपकरण शोपीस बने रहे। लघु कारोबार, अटा चक्की, आरा मशीन, वेल्डिंग मशीन अन्य कारोबार प्रभावित रहे।
सिरौली की बिजली लाइन को शाहबाद फीडर से जोड़ने की मांग
आलम खान, भगुराम भारद्वाज, सोनू रस्तोगी ने बताया कि आंवला से सिरौली आ रही एचटी लाइन की दूरी करीब 35 किमी है। इससे आए दिन ब्रेकडाउन की समस्या रहती है। इसी कारण कस्बे के लोग एक अरसे से सिरौली के बिजली आपूर्ति को शाहबाद से जोड़े जाने की मांग करते रहे हैं ताकि आपूर्ति सुचारू रूप से मिले। संवाद
एचटी लाइन में ब्रेकडाउन के चलते बिजली गुल हुई थी। फॉल्ट ढूढने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली लाइन को दुरुस्त कराने के लिए पेट्रोलिंग कराई जाएगी ताकि इस तरह की परेशानी न हो।
-विशाल वर्मा, एसडीओ, बरसेर
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14 घंटे गुल रही गांवों की बिजली
गुलड़िया/रामनगर। सबस्टेशन के 12 से अधिक गांवों की बिजली सोमवार शाम से मंगलवार सुबह दस बजे तक गुल रही। बरसेर विद्युत उपकेंद्र से शिवपुरी, गुलड़िया,हरदासपुर, व्योंधन खुर्द आदि फीडरों से बिजली आपूर्ति होती है। सबस्टेशन बरसेर, पुन्नापुर व सिरौली को आंवला से आपूर्ति होती है। सोमवार शाम से ही आंवला से आने वाली लाइन ही इंसुलेटर खराब होने से ब्रेक डाउन हो गई। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि पुन्नापुर उपकेंद्र की ट्राॅली फुंक गई थी। इससे तीनों उपकेंद्र के करीब 100 गांवों की बिजली गुल रही। संवाद