बरेली सहित उत्तर प्रदेश के दस जिलों में पुलिस और एलआईयू के सत्यापन के कारण काफी पासपोर्ट लंबित पड़े हुए हैं। पासपोर्ट मुख्यालय की इस रिपोर्ट को प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांडा ने गंभीरता से लिया है और इन मामलों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के आदेश किए हैं। साथ में यह भी कहा है कि कोई भी आवेदन 21 दिन से अधिक समय तक लंबित नहीं होना चाहिए। अधिक समय तक लंबित रखने वाले जांच अधिकारी और थाना प्रभारी को जिम्मेदार बनाते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रमुख सचिव ने इस बारे में बरेली के डीएम, एसएसपी, डीआईजी तथा कमिश्नर को निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों से कहा है कि वह हर माह में दो बार लंबित आवेदनों की पड़ताल कराएं। उन्होंने प्रदेश के सभी 75 जिलों के आंकड़े पेश किए हैं। इनमें बरेली में 176 आवेदन 21 दिन से अधिक पुराने पुलिस एवं एलआईयू के स्तर पर लंबित बताए गए हैं। इनके अलावा इलाहाबाद 112, हाथरस, 69, अलीगढ़ 123, पीलीभीत, 63, शाहजहांपुर 112 आवेदन लंबित हैं। इन आवेदनों का ब्योरा अब आन लाइन पासपोर्ट कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। कुछ जिलों में नए अधिकारी तैनात होने के कारण उनके डिजिटल सिग्नेचर न होने का उल्लेख किया गया है।