बरेली। आवासीय भू-उपयोग में स्वीकृत नक्शे को व्यावसायिक में बदलवाने के लिए आयोजित बीडीए के कैंप में पहले दिन 25 लोग ही पहुंचे। इनमें कुछ नर्सिंग होमों के साथ कामर्शियल भवनों के मालिक शामिल थे। उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने उन्हें कंपाउंडिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी।
बीडीए की तीसरी मंजिल पर आयोजित शिविर में पहुंचे 25 भवन मालिकों में से तीन ने तो अपनी इम्पैक्ट और शमन फीस बतौर 10 लाख रुपये भी जमा कर दिए। 15 ने बीडीए के कंपाउंडिंग फार्म खरीदे। बीडीए उपाध्यक्ष ने भवनों को कंपाउंड कराने की जानकारी दी। शिविर में सचिव अंबरीश कुमार, सीटीपी आशीश शिवपुरी, जेई आरके जायसवाल, एक्सईएन जहीरुद्दीन, एई आरके चौधरी आदि मौजूद थे। शिविर के बाद शाम चार बजे बीडीए उपाध्यक्ष ने एक मीटिंग कर शहर को बेहतर बनाने को आर्किटेक्ट्स की राय ली। इस बैठक में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर रहा।