बरेली। चौपुला से अयूब खां चौराहे के बीच ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए सड़क को वन वे तो कर दिया गया लेकिन भैंसों की आवाजाही बरकरार है। बुधवार को इस सड़क पर भैसों का झुंड घुसा तो पुलिस का सारा ट्रैफिक मैनेजमेंट ध्वस्त हो गया। भारी वाहनों को वन वे रोड पर घुसने से रोकने के लिए यहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के गिने-चुने जवानों का भी भैंसों पर कोई बस नहीं चला।
गोकुल नगरी बनाकर शहर की सड़कों को पशुओं की आवाजाही से निजात दिलाने जैसे प्रोजेक्ट फाइलों में धूल फांक रहे हैं। यही वजह है कि स्मार्ट सिटी बनने जा रहे बरेली में आज भी सड़कों पर भैंसों का कब्जा रहता है। सुबह और दोपहर बाद सड़कों पर जब भैंसों के झुंड निकलते हैं तो पुलिस का पूरा मैनेजमेंट ध्वस्त हो जाता है। चौपुला पर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने के बाद अयूब खां से चौपुला की ओर वनवे किया गया है लेकिन यह सिस्टम भी पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है। पहले पुलिस और होमगार्ड दूसरे जिलों में चुनाव कराने चले जाने से यह सिस्टम चौपट हो गया। अब चौपुला पर बचाखुचा स्टाफ तैनात करके व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई है तो भैंसें बाधा बन रही हैं। यहां तैनात ट्रैफिक मैन बसों को चौकी चौराहे की ओर भेज रहे हैं पर छोटे वाहन अभी भी बेकाबू हैं। अयूब खां चौराहे पर सिविल पुलिस की मदद ली जा रही है। कम भीड़ की वजह से बुधवार को जाम तो नहीं लगा लेकिन भैंसों के झुंड ने लोगों की मुसीबत जरूर बढ़ाई। दोपहर बाद कई बार वनवे में भैंसों का झुंड घुसा तो लोगों को बच-बचकर निकलना पड़ा।
टेंपो वाले भी बिगाड़ रहे हैं सिस्टम
चौपुला चौराहा हो या सेेटेलाइट चौराहा, दोनों जगह आड़े तिरछे घुसकर टेंपो ही व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। बुधवार को भी ऐसे नजारे कई बार देखने को मिले जब वनवे में घुसे टेंपो लाइन से न जाकर आड़े तिरछे घुसे और थोड़ी देर को यातायात अवरुद्ध किया। सेटेलाइट चौराहा के पास चल रहे सेतु निगम के निर्माण कार्य के पास भी ऐसा ही हाल था। यहां टेंपो की वजह से वाहन फंसे तो चेकपोस्ट से आए पुलिसकर्मियों ने रोड खुलवाया।