बरेली। फेल विद्यार्थियों की कॉपियां बाहरी शिक्षकों से दोबारा चेक कराने की बात से प्रिंसिपल के इंकार पर सोमवार को कैंट के कॉन्वेंट स्कूल में अभिभावकों ने फिर जमकर हंगामा किया। कुछ अभिभावकों ने स्कूल में ही आत्मदाह करने तक की चेतावनी दे डाली। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने 8वीं, 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा में बैठाने को कहा तो अभिभावक तैयार हो गए। अब स्कूल में इन विद्यार्थियों की चार अप्रैल से दोबारा परीक्षा होगी।
कैंट के कॉन्वेंट स्कूल में इस बार तमाम विद्यार्थी दो से तीन विषयों तक में फेल हुए हैं। इनमें कई विद्यार्थियों के अभिभावक स्कूल प्रबंधन पर जानबूझकर उन्हें फेल करने का आरोप लगा रहे हैं। इन अभिभावकों ने पिछले दिनों स्कूल प्रबंधन पर बच्चों पर धर्मांतरण का दबाव डालने और इसे नजरंदाज करने पर फेल करने जैसा आरोप तक लगा दिया था। मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। अभिभावकों के दबाव में आए स्कूल प्रबंधन ने इसके बाद बच्चों की कॉपियां बाहरी परीक्षक से चेक कराने और दो विषयों में फेल छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने को भी हामी भर दी थी।
सोमवार को अभिभावक फिर अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे तो स्कूल प्रशासन ने बाहरी परीक्षक को कापियां दिखाने से भी इनकार कर दिया। इस पर अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ अभिभावकों ने पेट्रोल डालकर स्कूल में ही आत्मदाह की चेतावनी भी दे डाली। काफी देर तक हंगामे के बाद स्कूल प्रशासन ने फेल छात्रों की कॉपी दिखाने के बजाय उनकी दोबारा परीक्षा कराने की मंजूरी दे दी। प्रिंसिपल ने कहा, बच्चों का भविष्य खराब करना उनका मकसद नहीं है। कक्षा आठ, नौ और 11 में फेल हुए छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
स्कूल प्रबंधन से बातचीत के बाद कई अभिभावक पीछे हटे
सोमवार को स्कूल में हंगामे के बाद स्कूल प्रशासन ने कई अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें समझाया कि वे दबाव बनाकर अपने बच्चे को पास तो करा सकते हैं लेकिन आगे चलकर उनके बच्चों के ही लिए ठीक नहीं रहेगा। इसके बाद कई अभिभावकों ने अपने कदम वापस खींच लिए। एक अभिभावक ने अमर उजाला को फोन करके बताया कि उनका बेटा सिर्फ दो नंबर से फेल हुआ है। उनकी बेटी ने इसी स्कूल से फर्स्ट डिविजन ली थी। वह स्कूल प्रबंधन की बात से सहमत हैं। अगर उनका बेटा परीक्षा पास कर पाएगा तो ठीक है वर्ना उसे फेल मानने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।