बरेली। प्रशासन के तमाम इंतजामों के बावजूद राम बरात में शामिल होरियारों को इस बार पानी की किल्लत से जूझना पड़ा। इसके चलते बानखाना, गुलाबनगर और चाहबाई में दो घंटे तक बरात रुकी रही। लोगों ने निगम की व्यवस्था को लेकर गुस्सा जताया और फायर ब्रिगेड के फायर टेंडर से पानी लेकर काम चलाया।
इस बार राम बरात को लेकर पानी मुहैया कराने की व्यवस्था धड़ाम रही। इसके चलते ही राम बरात करीब डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। चाहबाई से निकलने वाली नृसिंह शोभायात्रा परंपरानुसार घंटाघर पर श्री राम लीला सभा की राम बरात में मिलती है। चाहबाई से निकलने वाली शोभायात्रा समिति के महामंत्री नीरु भारद्वाज ने बताया कि होरियारों की टोली सुबह से पानी के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी का इंतजार करती रही। करीब घंटे भर बाद चाहबाई फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, तब रवानगी हुई। फिर बानखाना में पानी की किल्लत हुई। यहां भी करीब आधे घंटे तक बरात रोकनी पड़ी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी मिला तो बरात आगे बढ़ी। इसके चलते लोगों ने व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एवं नगर निगम के खिलाफ नाराजगी भी जताई।
पानी सप्लाई के टैंकर पड़े कम
रामबरात में पानी की आपूर्ति के लिए सभा ने नगर निगम को पत्र सौंपा था। फिर भी कई स्थानों पर होरियारों के लिए पानी की कमी पड़ गई। कोतवाली के पास फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी मुहैया कराया गया, जबकि जलकल विभाग ने छह टैंकर लगाए थे। सभा के सदस्यों के मुताबिक पानी के टैंकर बरात के साथ नहीं चल रहे थे, इसकी वजह से जगह-जगह दिक्कत हुई। हालांकि पानी की सप्लाई के लिए राजकीय इंटर कॉलेज से सुबह 6.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जुबली पार्क पंप हाउस से सुबह 6 से 9 बजे तक, फिर दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक पानी की सप्लाई हुई।