बरेली। आवास-विकास परिषद के कार्यालय में होली के बहाने दारू पार्टी करने के मामले में छह कर्मचारियों के नप जाने के बाद दूसरे सरकारी कार्यालयों में तो होली का रंग नहीं चढ़ पाया, लेकिन बैंक कर्मियों पर यह रंग खूब चढ़ा। मंगलवार को सुबह से ही बैंकों में स्टाफ पर होली का माहौल हावी दिखा, लंच के बाद तो गिनती के लोग ही काउंटरों पर दिखे। होली की मस्ती शुरू हुई तो ग्राहकों की सुनने वाला भी कोई नहीं बचा। ग्राहक अपने काम के लिए इसलिए ज्यादा परेशान थे क्योंकि दो दिन की त्योहारी बंदी के बाद बैंक एक दिन खुलेंगे और फिर दो दिन के लिए बंद हो जाएंगे।
बैंक शाखाओं में सुबह से ही होली का माहौल था। कर्मचारियों ने बेमन से काम किया। लंच के बाद बाकायदा होली मननी शुरू हो गई। जो लोग काउंटरों पर काम कर रहे थे, उन्हें भी सहयोगियों ने खींच लिया। दोपहर दो बजे से प्रमुख बैंकों में एकदूसरे को गुलाल लगाना शुरू कर दिया गया। कुछ शाखाओं में लोकगीतों पर और फिल्मी गीतों पर नाचगाना भी शुरू हो गया। ढोल और नगाड़ों का इस्तेमाल भी हुआ। इन कार्यक्रमों में सिर्फ स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। जिन अफसरों और स्टाफ को बाहर जाना था, वे हाफ डे से ही खिसक लिए। इस बीच बैंक पहुंचे ग्राहक कर्मचारियों का मूड देखकर हैरान-परेशान होते रहे। कई का काम नहीं हुआ तो निराश होकर लौट गए। बोले- कर्मचारियों का मूड बता रहा है कि अब उनका काम सोमवार से पहले नहीं होना है।
बता दें कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में 20 और 21 मार्च का सार्वजनिक अवकाश है। शुक्रवार 22 मार्च को ही बैंक खुलेंगे। बताया जाता है कि जो स्टाफ और अधिकारी दूसरे जिले के निवासी हैं, उन्होंने शुक्रवार का अवकाश पहले से ही ले लिया है। इसलिए वे सोमवार को ही आराम से बैंक में लौटेंगे। 23 मार्च को चौथा शनिवार है फिर रविवार है। इसलिए एक दिन खुलकर बैंक दो दिन के लिए फिर बंद हो जाएंगे। सामान्य कामकाज सोमवार को ही हो सकेगा।