बरेली। बगैर मानक पूरे किए तीन कॉलेजों की मान्यता की संस्तुति करने के मामले में डीआईओएस और एडीआईओएस की ठन गई है। वहीं डीआईओएस का पत्र मिलने के बाद क्षेत्रीय सचिव ने शासन को मामला भेजा दिया है। अब शासन को कॉलेजों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एडीआईओएस मनभरन राम राजभर का कहना है कि सत्यापन की रिपोर्ट पर ही संस्तुति की गई है। अगर शासन में जवाब देना पड़े तो वह तैयार हैं।
डीआईओएस ने जिन कॉलेजों की मान्यता रोकी थी उनके अवकाश के दौरान एडीआईओएस ने संस्तुति कर फाइल क्षेत्रीय कार्यालय भेज दी। जब डीआईओएस अवकाश से लौटे तो उन्होंने क्षेत्रीय सचिव को पत्र भेजकर अवगत कराया। कहा कि मान्यता की पत्रावलियों में लगी आपत्तियां का निस्तारण नहीं किया गया। डीआईओएस का पत्र मिलने के बाद क्षेत्रीय सचिव ने डीआईओएस से आख्या मांगी है कि किन कॉलेजों में मानक पूरे हुए और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। सूत्रों की मानें तो मान्यता की सभी फाइलों की फिर से जांच हो सकती है, क्योंकि मामला शासन तक पहुंच गया। डीआईओएस द्वारा क्षेत्रीय सचिव को भेजे गए पत्र में आपत्तियों वाले कॉलेजों का जिक्र नहीं है। उसमें सिर्फ पत्रावलियों में आपत्तियों की बात कही गई। इसपर भी सवाल उठ रहे हैं। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा का कहना है कि बिना मानक पूरे किए मान्यता की संस्तुति क्यों की गई। क्षेत्रीय सचिव को अवगत करा दिया है। क्षेत्रीय सचिव विनोद कृष्ण ने कहा कि शासन को मामला भेजा है। जैसे निर्देश होंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।