बंडा(शाहजहांपुर)। पुवायां के गांव बुझिया में मां बेटे की मौत के मामले में रविवार को मायके वालों के साथ ग्रामीणों ने बंडा- पूरनपुर हाईवे पर आठ घंटे तक चक्का जाम कर दिया। विधायक चेतराम पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान वाहनों को अन्य रास्तों से निकाला गया। एएसपी ग्रामीण से वार्ता के बाद आरोपियों की 13 मार्च तक गिरफ्तारी के आश्वासन पर दोपहर बाद साढ़े तीन बजे जाम खुल सका। रविवार को चक्का जाम के दौरान गांव बिराहिमपुर झंझरिया की पूरी मार्केट बंद रही। रविवार को गांव में साप्ताहिक बाजार भी लगती है, लेकिन किसी भी व्यापारी ने बाजार में दुकान नहीं लगाईं। लोगों ने पुलिस प्रशासन के साथ ही विधायक चेतराम के खिलाफ नारेबाजी भी की।
गौरतलब है कि आठ मार्च की शाम को गांव बुझिया में राजू पटेल की पत्नी कंचन पटेल और उनके पुत्र चार वर्षीय निहाल के शव घर के बाथरूम में पड़े मिले थे। मृतका के जेठ अधिवक्ता मनोज पटेल ने बताया था कि दोनों की मौत गीजर में करंट आ जाने के कारण हुई है। उधर मृतका के भाई बंडा के गांव बिराहिमपुर झंझरिया निवासी धीरेश का आरोप था कि उसकी बहन और भांजे की हत्या की गई है। धीरेश ने धारा 302, 304 बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा तीन और चार के तहत दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने अपनी बहन कंचन की शादी फरवरी 2013 में राजू के साथ की थी। उसकी बहन के एक पुत्र तीन वर्षीय निहाल भी था। आरोप लगाया कि राजू पटेल और राजू के भाई महेंद्र पटेल, मनोज पटेल कंचन को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। आठ मार्च की शाम उसे जानकारी मिली कि उक्त लोगों ने उसकी बहन और भांजे की हत्या कर दी है। मौके पर जान पर दोनों के शव पड़े मिले।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम को भेजे थे। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव धीरेश को सौंप दिए गए थे और वह दोनों शव लेकर अपने घर बंडा के गांव बिराहिमपुर झंझरिया चला गया था। इसके बाद शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया और चेतावनी दी गई थी कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो रविवार सुबह चक्का जाम कर दिया जाएगा। रविवार सुबह आठ बजे परिवार और गांव के तमाम लोग दोनों शव ट्रॉली में रखकर बंडा पूरनपुर मार्ग पर पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। सूचना पर बंडा, खुटार, पुवायां, सिंधौली थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीएम मोहम्मद रिजवान और सीओ प्रवीण कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, लेकिन जाम खत्म नहीं हुआ। इस दौरान जाम लगा रहे लोगों ने विधायक चेतराम के पुतले को आग के हवाले कर दिया। आरोप था कि विधायक नामजदों को बचाने में जुटे हुए हैं, इस कारण पुलिस भी हीलाहवाली कर रही है। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया लेकिन कुछ लोगों ने मामले को शांत कराया।
दोपहर बाद एएसपी ग्रामीण सुभाषचंद्र शाक्य मौके पर पहुंचे और मृतका के भाई धीरेश से वार्ता की। धीरेश से अपनी मांगे लिखकर देने को कहा गया। धीरेश ने नामजदों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। एएसपी ने आश्वासन दिया कि 13 मार्च तक आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद जाम खोल दिया गया।
बंडा थाना प्रभारी से नाराज हुए जाम लगाए लोग
बंडा। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने चक्का जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने के स्थान पर कहने लगे घटना मेरे यहां की नहीं है। अगर जाम लगाना है तो घटना वाले क्षेत्र में जाकर लगाओ। मुझसे कोई मतलब नहीं है, जाम लगाकर बैठे रहो। थाना प्रभारी के व्यवहार पर जाम लगाए लोग भड़क उठे और पुलिस दलाल है के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद थाना प्रभारी बैकफुट पर आ गए। पुवायां के कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने लोगों को समझाकर शांत किया।
वकील को निर्दोष फंसाया, हो निष्पक्ष जांच, एडीएम से की मांग
पुवायां। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ओमपाल सिंह यादव ने कहा कि कंचन और उसके पुत्र की मौत के मामले में कंचन के जेठ अधिवक्ता मनोज पटेल को निर्दोष होने के बाद भी नामजद करा दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और केवल नामजदगी के आधार पर मनोज पटेल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ओमपाल सिंह यादव ने रविवार को एडीएम प्रशासन से मोबाइल पर बात कर कहा कि अधिवक्ता को निर्दोष फंसाया गया है। अगर अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई हुई तो सिविल बार एसोसिएशन के वकील आंदोलन पर बाध्य होंगे।
राजनैतिक विरोधी करा रहे घिनौना काम
अधिवक्ता मनोज पटेल की बहू और भतीजे की मौत की जानकारी पाकर वह दुख व्यक्त करने गए थे। कंचन के मायके के लोग भी उनके ही सामने आ गए थे और उन्होंने उनसे बात कर हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया था। इसके बाद राजनैतिक षडयंत्र के तहत कुछ लोगों ने पर्दे के पीछे से कंचन के मायके के लोगों को आगे कर उनकी छवि धूमिल करने के लिए घिनौना षडयंत्र रचा है। वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं। मेरे खिलाफ नारेबाजी और पुतला दहन से मैं काफी आहत हूं।
चेतराम,विधायक
चक्का जाम कर रहे लोगों से वार्ता कर समझाकर जाम समाप्त करा दिया गया है। कंचन और उसके पुत्र की मौत के मामले में दोषियों को जल्द ही जेल भेजा जाएगा।
सुभाषचंद्र शाक्य एएसपी (ग्रामीण) शाहजहांपुर