महिलाओं को विकसित करनी होगी खुद निर्णय लेने की क्षमता
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पूरनपुर (पीलीभीत)। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं हैं। हालांकि आधी आबादी के विकास की रफ्तार अब भी धीमी है। इसकी वजह महिलाओं में जागरूकता का अभाव होना है। महिलाओं को समर्थ, सशक्त और स्वावलंबी बनना है, तो उन्हें अपने फैसले खुद लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। यह उद्गार बृहस्पतिवार को अमर उजाला के महिला सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे महाभियान अपरजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में महिला अधिकारों पर आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किए गए। अंत में सभी ने नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने की शपथ ली।
गोष्ठी का शुभारंभ नारी शक्ति क्लब की अध्यक्ष मोनिका गुप्ता, मिंटी मंडेर, सविता खंडेलवाल आदि ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर मोनिका गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अब पुरुषों से पीछे नहीं है। उन्हें अपने निर्णय खुद लेने की सोच बढ़ानी होगी। अपने अधिकार जानने और दूसरी महिलाओं को उनके प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
क्लब की मैनेजमेंट हेड मिंटी मंडेर ने कहा कि गांव-देहात के पिछड़े इलाकों में शिक्षा और जागरूकता का अभाव है। इसे दूर करने की जरूरत है। अमर उजाला का यह अभियान गांव-गांव में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अद्भुत काम कर रहा है। क्लब की वरिष्ठ सदस्य सविता खंडेलवाल ने कहा कि अत्याचार, घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे है। पुरुषों की इस विचारधारा को बदलने की जरूरत है। परिवार की महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित होगा। अर्चना सिंघल ने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। ताकि वे किसी भी तरह के उत्पीड़न का विरोध कर आगे बढ़ सकें। दीपा गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए जागरूकता के साथ सोच में परिवर्तन लाना होगा। इसके लिए घर से ही शुरूआत करनी होगी। डॉ. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि समाज में पहले से सुधार हुआ है। इसमें और प्रगति लानी होगी। अच्छी शिक्षा जरूरी है। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. छत्रपाल ने महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। प्रभारी निरीक्षक आरके कश्यप ने महिलाएं कैसे सुरक्षित रहें, इसके सुझाव दिए। संचालन शिक्षक राजीव मोहन अग्रवाल ने किया। अंत मेें नारी गरिमा के लिए काम करने की शपथ ली गई।