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मिनी बाईपास पर जेल की जमीन पर रोडवेज बस अड्डा बनाने की तैयारी

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बरेली। मिनी बाईपास पर शहर को एक और रोडवेज बस अड्डा दिलाने की तैयारी चल रही है। यहां उत्तराखंड और दिल्ली की तरफ से आने-जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन होगा। इससे शहर के पुराने बस अड्डे पर रोडवेज बसों का लोड काफी कम हो जाएगा। शासन ने इस रोडवेज बस अड्डे के लिए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से जमीन का रिकार्ड मांगा है। रोडवेज प्रशासन की तरफ से शासन को इस रोडवेज स्टेशन के संचालन को लेकर पहले से ही जानकारियां प्रेषित की जा चुकी हैं।
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अभी उत्तराखंड और दिल्ली जाने वाली बसें पुराने रोडवेज बस अड्डे से होकर जाती हैं। इससे अयूब खां और चौपुला चौराहे पर काफी जाम लगा रहता है। इसलिए इन जगहों के लिए शहर से बाहर रोडवेज बस अड्डे की जरूरत काफी वक्त से महसूस की जा रही है। इस संबंध में उप सचिव कमलेश कुमार सिंह ने डीएम से मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली भूमि पर नया रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता का रिकार्ड मांगा है। शासन ने मांगा है कि बस अड्डा बनाने के लिए प्रस्तावित आठ एकड़ यानी 32340 वर्गमीटर भूमि का गाटावार रिकार्ड क्या है? इस जमीन का परिवहन निगम के पक्ष में ट्रांसफर के बाद कितनी भूमि इन गोटों में से कारागार के नाम अवशेष रह जाएगी। इसके अलावा भूमि संबंधी यह भी जानकारी मांगी है कि क्या केंद्रीय कारागार की भूमि में गाटा संख्या 30/0.080 हेक्टेयर नाला, 873 बंजर और गाटा संख्या 33/0.076 हेक्टेयर बंजर दर्ज है। यदि ऐसा है तो कारागार विभाग की जगह इस भूमि का हस्तांतरण डीएम या राजस्व विभाग को करना होगा।

यहां रोडवेज के बनने के बाद दिल्ली, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथारौगढ़ तक बसों के संचालन में काफी आसानी होगी। इस रोडवेज बस अड्डे के संबंध में शासन को जरूरी सूचनाएं भेजी जा चुकी हैं।
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- राजीव चौहान, क्षेत्रीय अधिकारी

करीब दो साल पहले भी रोडवेज बस अड्डे के लिए हुई थी कोशिश
पुराने रोडवेज का बस अड्डा चूंकि शहर के बीचोंबीच आ गया है, इसलिए यहां से बसों के संचालन में काफी दिक्कत हो रही है। यहां खास तौर से दिल्ली, बदायूं और उत्तराखंड जाने वाली बसों का संचालन होता है। मिनी बाईपास पर इसे शिफ्ट करने के लिए करीब दो साल पहले भी कोशिश हुई थी, लेकिन शासन में पहुंचकर यह मामला ठंडा पड़ गया था। अब इसे लेकर शासन ने एक बार फिर से गंभीरता दिखाई है।
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