फैल्सीपेरम मलेरिया के बेकाबू होने के बाद जिले में दो सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डेथ ऑडिट के बाद 25 लोगों की मौत की पुष्टि की। अब स्वास्थ्य निदेशालय से अपर निदेशक (मलेरिया) ने पत्र जारी करके पूछा है कि जनपद में फैल्सीपेरम मलेरिया के केस लगातार सामने आ रहे है, लेकिन मौतें नहीं हो रही है। इसकी वजह क्या है। सीएमओ कार्यालय में यह पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारी एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि इसका क्या जवाब दें।
संचारी रोग विभाग के प्रभारी डॉ. अब्बास मीशान के मुताबिक, फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों का इलाज करने के लिए जनपद में लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है। समय पर दवा मिलने से रोगियों को लफायदा हो रहा है, इससे मौत के मामले थम गए हैं। उन्होंने बताया कि आरडीटी किट से जांच के बाद प्रत्येक मरीज का रिकार्ड तैयार किया गया है। यह सही है कि मौजूदा समय में भी फैल्सीपेरम मलेरिया के रोजाना 300 से 500 मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश में मलेरिया ठीक होने के बाद दोबारा नजर आया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निर्देशानुसार इस पत्र का जवाब भेजा जाएगा।