मान्यता लेने के 20 साल बाद भी जिले के 72 इंटर कॉलेज मानक पूरे नहीं कर पाए हैं। अब उन पर कार्रवाई की तलवार लटकी तो कॉलेज संचालक जनहित की दुहाई देने लगे हैं। नोटिस के जवाब में उनका कहना है कि वह जनहित का कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई न की जाए। कॉलेजों का बेतुका जवाब आने के बाद विभाग ने कॉलेज संचालकों की जमकर फटकार लगाई। अब विभाग उन पर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
करीब 20 साल पहले रेवड़ियों की तरह इंटर कॉलेजों की मान्यताएं बांटी गईं। कॉलेजों को 9 (4) के तहत इस शर्त पर मान्यता दी गई कि वे जल्द मानक पूरे कर लेंगेे। कॉलेजों के पास मानकों के अनुसार न तो भवन थे और न संसाधन। मंडल के करीब 150 कॉलेजों में 72 कॉलेज बरेली के हैं। शासन के आदेश के बाद डीआईओएस ने इनको मान्यता समाप्त करने का नोटिस जारी किया था। अगर मानक पूरे कर लिए हैं तो उसका जवाब देना था। बरेली में तीन कॉलेजों की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी हो चुकी है। अब इन कॉलेजों ने विभाग को जवाब भेजा कि भवन का विस्तार करना मुश्किल है। वह जनहित का कार्य रहे हैं, क्षेत्र के बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई न की जाए। कॉलेजों ने इतने वर्षों में मानक पूरे नहीं किए और इस तरह का जवाब हास्यास्पद है। अब विभाग इन कॉलेजों में ताला जड़ने की तैयारी में हैं।
मंत्री जी की सिफारिश भी लगवा रहे
कॉलेजों में ताला लगने की नौबत आई तो संचालक अब मंत्रियों का दरवाजा खटखटा रहे हैं। उनसे सिफारिशें लगवा रहे हैं। कई कॉलेज संचालकों ने लखनऊ तक पहुंच लगाई। दबाव के कारण ही विभाग इन कॉलेजों पर नोटिस जारी करने के बाद शिकंजा नहीं कस सका। कुछ नेताओं ने अधिकारियों को फोन करके भी कार्रवाई न करने की सिफारिश की।
बरेली में 72 कॉलेजों ने 9 (4) के तहत संबद्धता लेकर मानक पूरे नहीं किए उनको नोटिस जारी किया था। दो तीन की संबद्धता समाप्त करने के भी आदेश जारी कर चुके हैं। अब कॉलेज वाले अपना जवाब दे रहे हैं कि वो जनहित का कार्य रहे हैं इसलिए उनपर कार्रवाई न की जाए। ऐसे विद्यालयों को बख्शा नहीं जाएगा। जहां मानक पूरे नहीं उनपर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस