प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब बेरोजगारों में स्किल डेवलपमेंट करने की मंशा पर सरकारी सिस्टम ही पानी फेर रहा है। इससे जुड़े एनजीओ इसमें हेराफेरी करने में बाज नहीं आ रहे हैं। कौशल विकास मिशन के तहत तमाम ट्रेनिंग सेंटर कागजों पर ही चल रहे हैं। सांसद मेनका गांधी की शिकायत के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस मामले की जांच कराई तो ट्रेनिंग सेंटरों के संचालन में फर्जीवाड़ा करने में कई एनजीओ की गर्दन फंस गई है। फिलहाल, इस मामले की जांच रिपोर्ट सीडीओ सत्येंद्र कुमार के पास पहुंच गई है।
कौशल विकास मिशन के तहत तमाम एनजीओ को ट्रेनिंग सेंटर चलाने और उसमें बेरोजगारों को निशुल्क प्रशिक्षण देने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके एवज में यह एनजीओ बजट के नाम मोटी रकम भी ले रहे हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने यह शिकायत की कि ज्यादातर एनजीओ सेंटरों के संचालन में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। उन्होंने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को आदेश दिए कि इस मामले की जांच कराकर उन्हेें रिपोर्ट दी जाए। इस मामले की जांच में बहेड़ी के मोहल्ला जाजूनगर गल्ला गोदाम के पास फ्यूचर शेप सोशल एजूकेशन सोसाइटी का प्रशिक्षण केंद्र बंद मिला और उसमें इसकी किसी तरह से ट्रेनिंग प्रोग्राम न चलने का भी खुलासा हुआ है। यही हाल मुड़िया नबी बख्श में ग्रामीण उत्थान समिति सोसाइटी के सेंटर का मिला है। यहां भी ट्रेनिंग सेंटर के संचालन में फर्जीवाड़ा की पुष्टि जांच में की गई है। बहेड़ी के लोधीपुर चौराहा के पास भी टीमलीस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक निजी संस्था को कौशल विकास केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। चेकिंग हुई तो वहां न केंद्र का अतापता था और न ही किसी तरह की ट्रेनिंग का। बहेड़ी में ही रिछा रोड कुंद्रा कोठी में स्वर्गीय श्रीमती दुर्गा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट और दमखोदा के ग्राम बकैनिया में फ्यूचर शेप सोशल एजूकेशन सोसाइटी के ट्रेनिंग सेंटर का भी संचालन न होने की रिपोर्ट दी गई है। बहेड़ी के लिटिल स्कॉलर स्कूल में ई-आश्रम इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड भी ट्रेनिंग सेंटर चलाने में गड़बड़ी करती हुई मिली है।
इन सेंटरों पर दिए जाने हैं मुफ्त प्रशिक्षण
इन प्रशिक्षण केंद्रों पर दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस टू शेड्यूल्ड कास्ट सब प्लान, बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम, भवन व दूसरे अन्य निर्माण कार्य, राज्य कौशल विकास निधि, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित आदि स्कीम के तहत बेरोजगारों को प्रशिक्षण की सुविधा दी जानी है।
जांच रिपोर्ट मिल गई है। फर्जीवाड़ा करने वाले एनजीओ को नोटिस दिया जाएगा। साथ ही उनका सेंटर निरस्त करने की केंद्र सरकार से संस्तुति की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ