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बहुत से किसानों ने नहीं कराया फसल बीमा, कैसे मिलेगी राहत

Thu, 06 Sep 2018 12:02 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
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कई साल तक लगातार बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर झेलते रहे हजारों किसानों के सामने बढ़ी समस्या यह है कि अधिकतर का बाढ़ में सबकुछ चला गया है। बाढ़ प्रभावित किसानों में अधिकतर ऐसे हैं जिन्होंने अज्ञानता के चलते अपनी फसल का बीमा तक नहीं कराया है सो वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि अब उन्हें किस तरह बर्बाद हो चुकी फसल का बीमा या सहायता राशि मिल सकेगी, हालांकि शासन लगातार यही बात कह रहा है कि सभी बाढ़ प्रभावितों को सहायता दी जा रही है।
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दरअसल, कई साल बाद इस क्षेत्र में रामगंगा में बाढ़ आई है सो इलाके के 50 से ज्यादा गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। हर तरह पानी ही पानी है। खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। बाढ़ चौकी नगरिया खनू पहले से ही सबसे ज्यादा संवेदनशील थी। उससे लगे सभी गांवों में बाढ़ ने किसानों का सब कुछ तबाह कर दिया है। स्थिति यह है कि उनके घरों में पानी भर जाने के कारण ऐसा सामान भी नहीं बचा जिससे वह दो वक्त की रोटी भी खा सकें। किसान की आय का सबसे बड़ा साधन फसल ही होती है सो इस बार की बाढ़ में उसकी फसल नष्ट हो चुकी है। यहीं नहीं हजारों बीघा जमीन भी बाढ़ की भेंट चढ़कर रामगंगा में समा चुकी है।
गांव नगरिया खनू के प्रधान कृष्णपाल सिंह और अरुण सिंह बताते हैं कि एक तो पहले से ही किसानों को कई साल से उसकी उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा था। इस दफा जो बाढ़ आई है उसने किसानों को कई साल पीछे कर दिया है। बोले-ज्यादातर किसान हैं जिन्होंने अपनी फसल का बीमा तक नहीं कराया है। सवाल उठ रहा है कि बाढ़ से फसल के तबाह हो जाने पर कैसे उन्हें लाभ मिल सकेगा।
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कई अन्य किसानों ने कहा कि अब तो वह शासन से मिलने वाली इमदाद की ओर देख रहे हैं। यदि वह इमदाद मिल जाती है तो शायद कुछ दिनों के भोजन का इंतजाम हो जाए।
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