धूप निकली, लेकिन शीत
लहर से नहीं मिली राहत
- बर्फीली हवाओं के प्रकोप से शाम को पारा फिर गिरा
- मौैसम वैज्ञानिक जता रहे 16 जनवरी के बाद ठंड कम होने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
नए साल के 12वें दिन दोपहर बाद थोड़ी देर के लिए धूप निकली, लेकिन बर्फीली हवाओं और शीत लहर से राहत नहीं मिली। 11 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने शाम को गलन और बढ़ा दी, जिससे पारा एक बार फिर गिर गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पहाड़ों पर बर्फ पिघलने और ठंडी हवाओं का रुख मैदानी इलाकों की ओर से होने से 16 जनवरी तक शीत लहर के कहर से निजात मिलने के आसार नहीं।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से सात डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 5.4 रहा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 15.4 और न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम तापमान में 2.7 डिग्री की सेल्सियस की गिरावट होने से धूप में भी बर्फीली हवाएं गलन बढ़ाती रहीं। धूप भी अपराह्न एक बजे के बाद निकली, जिसकी तीव्रता बहुत कम थी। शाम को शीत लहर का प्रकोप बढ़ने से पारा फिर गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फ गिरने के साथ दिन में धूप खिल रही है। कहीं-कहीं पर बादल भी बन रहे हैं, लेकिन बारिश के कोई आसार नहीं। मैदानी इलाकों में शीत लहर के साथ कोहरा और घना पड़ने की आशंका है। फिलहाल, 16 जनवरी तक शीत लहर और गलन से राहत मिलने की उम्मीद नहीं।