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बरेली: हजियापुर में 17 हजार की आबादी पर संक्रमण का खतरा, 200 गलियों के 4000 मकान सील

Tue, 28 Apr 2020 02:11 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली में जगह-जगह चल रही चेकिंग - फोटो : सोशल मीडिया
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हजियापुर बरेली के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक है। यहां कोरोना संक्रमित व्यक्ति के पाए जाने के बाद बड़ी आबादी के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। वहीं क्षेत्र को सील करने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

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क्षेत्र में राशन और भोजन आदि की व्यवस्था करना प्रशासन और निगम के अधिकारियों के लिए एक चुनौती बन गई है। वहीं दूसरी चुनौती स्वास्थ्य विभाग के लिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान करना और उन्हें क्वारंटीन करना होगी।  

दो वार्डों के चार हजार मकान होंगे प्रभावित
सोमवार को हजियापुर इलाका सील किए जाने से हजियापुर के दो वार्ड, वार्ड 15 और वार्ड 39 इसकी जद में आ गए। इन दोनों वार्डों में मुख्य रूप से नीलकंठ कॉलोनी, कौशांबी कॉलोनी, आंबेडकर नगर, कामरेड नगर व वाल्मीकि बस्ती, टलइया आदि क्षेत्र शामिल हैं। 
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इनमें करीब चार हजार मकान हैं, जिनमें करीब 17 हजार लोग रहते हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों में कैद होना पड़ा। निगम के सर्वे के अनुसार क्षेत्र में करीब दो सौ गलियां हैं। इनमें कानून व्यवस्था बनाए रखना और लोगों को घरों से बाहर न निकलने देना भी पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। 

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हजियापुर में होम डिलीवरी के लिए जारी होंगे पास 
सुभाषनगर की तर्ज पर अब निगम के अधिकारी यहां के लोगों को घरों तक सामान की आपूर्ति के लिए राशन की दुकानों के पास जारी करेंगे। हालांकि निगम के अधिकारियों ने क्षेत्र के लिए पहले से ही किराना और सब्जी की दुकानों की लिस्ट जारी कर दी है। पर अब क्षेत्र के सील होने के बाद इन चिह्नित दुकानों के लिए पास जारी करने का काम शुरू होगा। 

हजियापुर मलिन बस्ती में भोजन पहुंचाना भी चुनौती
हजियापुर का अधिकतर इलाका मलिन बस्ती से घिरा हुआ है। यहां करीब सात से आठ हजार लोग रहते हैं, जिनमें सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके लिए दो वक्त के भोजन का इंतजाम करना भी मुश्किल है। ऐसे में इन लोगों के लिए राशन और खाने के पैकेट का इंतजाम करना न केवल नगर निगम, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चुनौती होगी।
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