बरेली। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता कार्यक्रम यानि एन-कैप के तहत 168 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन न तो हरियाली बढ़ी, न ही शहर की सड़कों की हालत सुधरी। कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने लोक निर्माण विभाग व वन विभाग को सुधार की हिदायत दी।
एनकैप के तहत सड़क निर्माण, पौधरोपण समेत अन्य कार्यों के लिए 200 करोड़ का बजट वर्ष 2024 में जारी हुआ था। संबंधित विभागों ने 168 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए, लेकिन अब तक कई कार्य अधूरे हैं। सीबीगंज, परसाखेड़ा, बीसलपुर रोड और सेटेलाइट से फरीदपुर रोड के किनारे मियावाकी पद्धति से कराए गए पौधरोपण की प्रगति भी कम मिली। इस पर डीएम ने डीपीआर तैयार कर शत-प्रतिशत पौधरोपण कराने की हिदायत दी।
बदहाल सड़क पर डामर की परत बिछाने के निर्देश
डीएम ने लोक निर्माण विभाग को झुमका चौराहे से मिनी बाइपास तक बदहाल सड़क पर डामर की परत बिछाने के भी निर्देश दिए। यह शहर का प्रमुख मार्ग है, लेकिन काफी समय से बदहाल है। सुपीरियर फैक्टरी के सामने ही दो बड़े गड्ढे हैं। चंद कदमों की दूरी पर सड़क उखड़ी पड़ी है। सावन में इस मार्ग से कांवड़ियों के कई जत्थे भी गुजरेंगे। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को टीम गठित कर पूर्ण कराए गए कार्यों का सत्यापन कराने, वन विभाग को नई बनी सड़कों के किनारे पौधरोपण कराने, पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने के भी निर्देश दिए।