बरेली। लोकसभा चुनाव कराने जा रहे प्रशासन ने मई तक के लिए परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया के एसडब्ल्यूसी गोदामों का अधिग्रहण कर लिया है। इससे एसडब्ल्यूसी के अफसर संकट में आ गए हैं। दरअसल कुछ ही दिनों में सरकारी गेहूं खरीद शुरू होने वाली है और हजारों क्विंटल गेहूं भी इन्हीं गोदामों में रखा जाना है। इस दिक्कत को देखते हुए राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन यादव ने डीएम को पत्र लिखा है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अब तक इस समस्या का कोई हल नहीं तलाशा जा सका है।
चुनाव के लिए आईं ईवीएम और वीवीपैट को पहले नरियावल मंडी मेें रखने की प्रशासन की प्लानिंग थी। नरियावल मंडी में जगह की कमी को देखते हुए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस योजना में बदलाव कर दिया और अब परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में बने स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन (एसडब्ल्यूसी) के गोदामों में मशीनें रखने का आदेश दिया है। मगर इससे गेहूं भंडारण की दिक्कत पैदा हो गई है। दरअसल प्रशासन को पहली अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करनी है। हजारों क्विंटल गेहूं का भंडारण सीडब्ल्यूसी के गोदामों में होना है। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन यादव ने डीएम की गोदामों के अधिग्रहण से पैदा हुई दिक्कत के बारे में लिखित तौर पर अवगत कराया है। उनका कहना है कि गेहूं खरीद स्कीम में इस बार 55 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल मात्र 9.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं भंडारण की ही क्षमता उपलब्ध है। ऐसे में राज्य भंडारण निगम के गोदामों का चुनाव के लिए अधिग्रहण किया जाना उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि परसाखेड़ा एसडब्ल्यूसी गोदाम में ही ईवीएम व वीवीपैट रखे जाने के साथ मई के अंत में मतगणना भी होगी। इस दौरान गेहूं भंडारण पूरी तरह बंद रहेगा।
वर्जन-
परसाखेड़ा में ही चुनाव कार्य होंगे। गेहूं स्टोर करने की दिक्कत को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसका भी समाधान कराया जाएगा। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन