बरेली। संजय नगर और आसपास के इलाके को जलभराव से राहत दिलाने के लिए नया संपवेल और नाला बनाने का काम शुरू होगा। नगर निगम की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कराया गया है, जिस पर करीब 8.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह संपवेल पहले से चार गुनी क्षमता का होगा। इसे बनाने की जिम्मेदारी जल निगम को दी जाएगी। प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने को लेकर मेयर उमेश गौतम ने जल निगम और नगर निगम के अफसरों के साथ मीटिंग भी की।
पिछले साल बरसात के दिनों में संजयनगर, रेजीडेंसी गार्डन, सिटी हार्ट, नीलकंठ समेत आसपास की कॉलोनी और पुराना शहर में हजियापुर, चक महमूद, जोगीनवादा आदि इलाकों को भीषण जलभराव का सामना करना पड़ा था। कई बार बवाल भी हुआ। लोगों ने सड़क जाम कर खूब विरोध-प्रदर्शन किया था। इसे देखते हुए नगर निगम ने संजयनगर और आसपास के क्षेत्र को जलभराव से राहत दिलाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। मेयर उमेश गौतम ने मीटिंग की, जिसमें नगर निगम के चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर, जल निगम के एक्सईएन संजय कुमार, नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान, उपसभापति अतुल कपूर आदि मौजूद रहे। इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रोजेक्ट की लागत 50 लाख रुपये से अधिक है, इसलिए काम जल निगम से कराया जाएगा।
प्रोजेक्ट एक नजर में..
संजयनगर में पहले से एक एमएलडी क्षमता का संपवेल बना है जो जलनिकासी के हिसाब से नाकाफी है। इस वजह से वसुंधरा विहार और गोपालनगर में 4.2 एमएलडी क्षमता का संपवेल बनाना प्रस्तावित किया गया है। इस पर 460.53 लाख रुपये का व्यय प्रस्तावित है। इसके अलावा जलनिकासी के लिए 1.90 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इस पर 406.47 लाख रुपये व्यय होगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 8.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।