फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहरवासियो! आपकी मुसीबत के लिए हम नहीं बंदर जिम्मेदार हैं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। रात भर धुआंधार बारिश हुई और पूरे शहर में पानी भर गया। लोग पूरे दिन दिक्कतों से जूझते रहे, लेकिन नगर निगम से कोई मदद नहीं मिली। न अफसर शहर में निकले न कर्मचारी। परेशान शहरवासी नगर निगम के कंट्रोल रूम में फोन करते रहे, लेकिन फोन पर दिन भर बिजी टोन सुनाई देती रही। नतीजा यह हुआ कि पूरे दिन जलभराव से जूझे शहर से एक भी शिकायत नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाई। शाम को नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी ठीकरा बंदरों के सिर फोड़कर निजात पा ली। बताया कि बंदरों ने कंट्रोल रूम के फोन का वायर तोड़ दिया था, इस वजह से लोगों की शिकायतें दर्ज नहीं हो पाईं। शिकायतें ही दर्ज नहीं हुईं तो नगर निगम की टीम भला कार्रवाई ही क्या करती।
विज्ञापन

नगर निगम के कंट्रोल रूम के इंचार्ज बीए त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार शाम को ही फोन खराब हो गया था। पता किया तो मालूम हुआ कि बंदरों ने वायर तोड़ दिया है। वायर ठीक करने के लिए टेलीफोन विभाग से लाइनमैन को कॉल किया गया, लेकिन देर शाम तक वह नहीं पहुंचा। इस कारण शहरवासियों की एक भी शिकायत दर्ज नहीं की जा सकी। शिकायतें दर्ज नहीं हुई तो नगर निगम का स्टाफ भी बेपरवाह बना रहा। लोग दिन भर परेशान होते रहे लेकिन निगम से एक भी कर्मचारी शहर का हाल देखने नहीं निकला। नगर आयुक्त के कुछ दिन पहले दिए गए निर्देश का इतना असर जरूर हुआ कि संजयनगर में जलभराव से निजात दिलाने के लिए एक टीम जरूर भेजी गई। बुधवार देर रात से बृहस्पतिवार सुबह तक हुई बारिश का पानी शाम तक सड़कों पर जमा रहा। कुछ इलाकों में लोग खुद ही पानी की निकासी करने मे ंजुटे रहे।

इन इलाकों में रहा बुरा हाल
बारिश से पुराना शहर, सुभाषनगर, हजियापुर, चकमहमूद, सैलानी, कर्मचारीनगर, फाइक एन्क्लेव, मढ़ीनाथ समेत कई इलाकों में पानी भर गया। नाले और नालियों के चोक होने की वजह से बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। राहगीरों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
विज्ञापन


जर्जर सड़क बनी मुसीबत
सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी निवासी पूर्व पार्षद आलोक तायल, राजन, सुनील कुमार एडवोकेट समेत हजियापुर के शानू, राजू आदि ने कंट्रोल रूम फोन कर समस्या बताने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। राजन के मुताबिक सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। गड्ढों में पानी भरने से वह दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। कई लोग चोटिल भी हुए। उन्होंने रोड निर्माण और नाला सफाई की मांग की है।

कंट्रोल रूम का टेलीफोन वायर बंदर तोड़ देते हैं। फोन करने पर बिजी टोन सुनाई देती है। वायर ठीक कराने के लिए कह दिया गया था, लेकिन देर शाम समस्या ठीक नहीं हो सका। - ईश शक्ति सिंह, कार्यवाहक नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें