बरेली। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से पदों को भरने का कार्य कर रही है। पद भरने के लिए अब न सिर्फ बीटीसी एवं टीईटी पास अभ्यर्थियों की आवश्यकता बताई गई है बल्कि टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को रोकने के लिए एक अतिरिक्त लिखित परीक्षा लागू कर दी गई है। लिखित परीक्षा में कभी परीक्षा से पूर्व प्राप्तांक व कभी परीक्षा के बाद बदले जाने शिक्षामित्र सहित अन्य अभ्यर्थियों में रोष है और उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली। 21 जनवरी की सुनवाई के बाद बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने अपना फैसला पीड़ितों के विपरीत सुना डाला। कहा है कि पासिंग मार्क 60-65 प्रतिशत ही रहेगा। जबकि परीक्षा के दौरान पासिंग मार्क के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। इसे लेकर अभ्यर्थियों में रोष है। बता दें कि लखनऊ खंडपीठ ने अगली सुनवाई 29 जनवरी और इलाहाबाद ने 31 जनवरी निर्धारित की है।