बरेली। परसाखेड़ा स्थित आरके राइस मिल परिसर से जिला प्रशासन के बड़ी मात्रा में धान चहेते व्यापारियों को सौंपने के बाद अब अन्य आढ़ती भाग दौड़ करने लगे हैं। वे अपना बेचा धान वापस लेने अथवा भुगतान के लिए अफसरों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान व्यापारी सांसद धर्मेंद्र कश्यप की शरण में पहुंच गए हैं। सांसद ने उन्हें प्रशासन और अन्य संबंधित अफसरों से बात करने का भरोसा दिलाया है।
परसाखेडा स्थित आरके राइस मिल का परिसर पार्टनर कनिष्क मनचंदा ने दिल्ली के कारोबारी राकेश सिंह को किराए पर दिया था। राकेश और उनके मैनेजर अमित गुप्ता ने परिसर में बिना लाइसेंस धान की खरीद शुरू कर दी। पौने दो माह में उन्होंने 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का धान खरीद लिया और चुपचाप चावल तैयार कर बेच दिया, लेकिन भुगतान विक्रेता फर्माें को नहीं किया। पिछले दिन भुगतान नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने मिल पर पहुंचकर हंगामा किया। कुछ व्यापारी पुलिस से मिलकर बड़ी मात्रा में धान लाद ले गए। तब मनचंदा ने डीएम से मुलाकात कर मिल परिसर से चावल और धान लूटे जाने की शिकायत की। डीएम ने रात में ही सीबीगंज थाने में मनचंदा और मंडी समिति की ओर से राकेश सिंह और उनके सहयोगी अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी और जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी। अफसरों ने अपनी मौजूदगी में प्रेमचंद, मुकेश कुमार एटा और दियोचरा के आरके ट्रेडर्स को 4800 क्विंटल से ज्यादा धान उठवा दिया।
अफसरों ने सिर्फ दो फर्मों को ही धान वापस कराया और बाकी व्यापारियों को भगा दिया। पिछले 10 दिन से बाकी प्रभावित व्यापारी अपना धान अथवा भुगतान लेने की अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। पुलिस ने जिन दो लोगों पर रिपोर्ट की है वे भी खुलेआम घूम रहे हैं। अफसरों की मिलीभगत और मनमानी से प्रभावित व्यापारी अब सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मदद मांगने पहुंचे हैं। शनिवार शाम इन कारोबारियों ने बताया कि पांच हजार क्विंटल से ज्यादा धान राकेश सिंह ने बुखारा स्थित कपिल खंडेलवाल के गोदाम में भंडारित कर रखा है, गोदाम में रखा धान उन्हें दिलाया जाए। सांसद ने कहा कि वे संबंधित अफसरों से बात कर असलियत जानेंगे और व्यापारियों की मदद कराएंगे।