बरेली। अफसर दावा कर रहे हैं कि जनवरी-फरवरी में नाथनगरी एयर टर्मिनल से हवाई सेवाएं शुरू हो जाएंगी, लेकिन पीलीभीत हाईवे से एयरपोर्ट गेट तक 18 मीटर सड़क कौन बनाएगा, यह तय करने में ही सात माह से ज्यादा का वक्त बीत गया है। इसके अलावा सेटेलाइट से मयूर वन चेतना केंद्र तक हाईवे का हिस्सा पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी ठंडी पड़ी है। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि उन्होंने इस मामले को शासन तक पहुंचा दिया है। अब प्रमुख अभियंता खास पैरवी करके इस मामले का निस्तारण कराएंगे।
नाथनगरी एयर टर्मिनल से हवाई सेवा के लिए तैयारियां जल्द पूरी कराने का दावा काफी समय से किया जा रहा है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी के अफसरों पर दबाव बढ़ रहा है कि सेटेलाइट से हवाई अड्डे के आगे तक के हाईवे का हिस्सा जल्द से जल्द एनएचएआई से ले लिया जाए, जबकि इसमें लगातार देरी हो रही है। सिविल एंक्लेव शुरू होने के बाद इस रोड पर ट्रैफिक लोड बढ़ जाएगा। इधर, अफसरों के बीच सामंजस्य की कमी से प्रोजेक्ट पूरा होने में लगातार देरी हो रही है। काम में अड़ंगे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मयूर वन चेतना केंद्र के पास एयरपोर्ट के मेन गेट का रास्ता अब तक पीलीभीत हाईवे से नहीं जुड़ सका है, जबकि इन दोनों के बीच की दूरी सिर्फ 18 मीटर है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों का कहना है कि यह उनकी बाउंड्री के बाहर का हिस्सा है। एनएचएआई के अफसर सड़क स्थानांतरण होने की बात कहते हुए काम नहीं करा रहे, जबकि पीडब्ल्यूडी अपना स्वामित्व न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर रहा है। समन्वय की दिक्कत जल निगम के अफसर और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों के बीच पहले ही सामने आ चुकी है। जल निगम को एयरपोर्ट की जमीन पर जलभराव की दिक्कत को खत्म करने के लिए करीब तीन किमी तक नकटिया नदी तक ड्रेनेज सिस्टम तैयार करना है।
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पीलीभीत हाईवे पर ट्रैफिक बढ़ना ही है। अभी स्वामित्व की दिक्कत की वजह से रोड के काम नहीं हो पा रहे हैं। इसे लेकर हाल लखनऊ में उन्होंने प्रमुख अभियंता वीके सिंह से बात हुई है। वे एनएचएआई के अफसरों से इस बारे में वार्ता करेंगे। - राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी