हत्या का जुर्म साबित होने के बाद अदालत ने शनिवार को एक व्यक्ति और उसके दो बेटों समेत चार चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा हाफिजगंज के गांव सुंदरी के रहने वाले महेंद्र ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 20 अक्तूबर 2011 को दिन में करीब चार बजे उनका भाई हरिनंदन और भतीजा प्रदीप मोटर साइकिल से अपने खेत पर जा रहे थे। धर्मपाल के सेलर के पास डनलप सामने आने पर हरिनंदन ने मोटर साइकिल धीमी की तभी अभियुक्त ब्रजलाल, उसके बेटे राजू व रामधुन और अनंग पाल ने उन्हें घेर लिया। इन सभी ने हरिनंदन पर बांकों से हमला किया और फिर गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया । वह मोटर साइकिल से नीचे गिर गया। भतीजे प्रदीप को भी चाराें ने जान से मारने की धमकी दी तो वह डर से चीखता हुआ भाग निकला। कुछ ही देर बाद हरिनंदन की मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण यादव की अदालत में सरकारी वकील सुरेश बाबु साहू ने पक्ष प्रस्तुत किया। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को हत्या का दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी अभियुक्तों पर जुर्माना भी लगाया।