मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि तूफान फिर लौटेगा। इस दहशत से शहरवासी चौकन्ने रहे। मौसम वैज्ञानिक और प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया था। हालांकि रात 10 बजे तक तूफान नहीं आया। देर रात में भी हवा चलती रही। न धूल भरी आंधी दिखी, न ही बारिश आई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने दो दिन बाद फिर से आंधी-बारिश की भविष्यवाणी की है।
लखनऊ मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को दिल्ली एनसीआर से आंधी-बारिश उठकर ‘तूफान’ में तब्दील होकर पूरब में चले जाने की भविष्यवाणी करते हुए अलर्ट जारी किया था। इसके चलते रविवार को पूरे दिन शहर और ग्रामीण इलाकों में लोग दहशत मं रहे। रविवार की आंधी-बारिश के बाद सोमवार को दिन का तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री कम था। जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से छह डिग्री कम होकर 18.8 डिग्री था। मध्यम हवा चलने से दोपहर में भी तपिश गायब थी, लेकिन शाम होने के बाद आसमान में बादल छाने लगे तो एकबारगी मौसम विभाग की भविष्यवाणी ठीक लगने लगी। हालांकि देर रात तक तूफान या आंधी-बारिश नहीं आई। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि सोमवार को देर रात तेज हवा चलेगी। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश भी हो सकती है। मंगलवार को आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि 15 मई को न्यूनतम तापमान 21 और अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में आसमान साफ रहेगा, लेकिन दोपहर बाद बादल छाए रह सकते हैं, जिसमें हल्की बूंदाबांदी होगी। डा. कुशवाहा ने ग्लोबल वार्मिंग की वजह में जलवायु परिवर्तन की वजह से दो दिन बाद फिर आंधी-बारिश आने की भविष्यवाणी की है। कृषि वैज्ञानिक डा. रनजीत सिंह का कहना है कि मई में बारिश होने से किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं है, लेकिन तेज हवा नहीं चलनी चाहिए। बारिश होने से जमीन का जलस्तर ऊपर आएगा। किसानों को सब्जियों, ढैंचा और धान की पौध में सिंचाई कम करनी पड़ेगी। डीजल की बचत होगी।