‘जब वह मेरा नहीं हुआ तो उसे किसी और का कैैसे हो जाने देती.. सौतन के साथ रहने से तो शौहर का मर जाना ही अच्छा था।’ कोर्ट परिसर में जब बबली से पत्रकारों ने घटना की बाबत पूछा तो उसने बेहद गुस्से में यह जवाब दिया। हालांकि पहले बबली बोली, मैंने उसे जानबूझकर नहीं मारा। गुस्से में यह सब हो गया, लेकिन वसीम के दूसरे निकाह का जिक्र होते ही उसका चेहरा गुस्से से तमतमाने लगा। कहा, उसने बहुत बदनामी करा दी थी। सबक सिखाना जरूरी था। चार-चार निकाह कर चुका था फिर भी औरतों के चक्कर में रहता था। उसका मर जाना ही बेहतर था। हालांकि घर वालों ने वसीम के सिर्फ दो निकाह करने की पुष्टि की।
सोने के बाद देर तक वसीम की चारपाई पर बैठी रही बबली
वसीम अपनी बात मनवाने के लिए बबली पर हावी होने लगा और उसका गला दबाने की कोशिश की तो उसके दिमाग में यह बात बैठ गई कि दूसरी बीवी के लिए वसीम उसे रास्ते से हटा सकता है। बकौल बबली, वसीम अगर शराब के नशे में नहीं होता तो उसका गला दबाकर कत्ल कर चुका होता। उसने बमुश्किल खुद को बचाया। वसीम जब नशे की हालत में चारपाई लेट गया तो वह काफी देर तक उसके पास बैठी रही। रात के तीसरे पहर में वह रसोई में गई और सिलबट्टा ले आई। इससे वसीम के सिर पर तीन-चार वार कर दिए। लहूलुहान होकर वसीम वहीं ढेर हो गया।
वसीम के भाइयों को दी गिरने से मौत की खबर
वारदात के बाद बबली ने वसीम के भाई आरिफ को उसकी गिरने से मौत हो जाने की सूचना दी। घरवाले उसे दफनाने की तैयारी भी करने लगे थे लेकिन तभी गश्त पर निकले किला इंस्पेक्टर कमलेश कांत वर्मा भीड़ देखकर वहां रुक गए। लाश की हालत देखकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने बबली से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने खून से सना तकिया और सिलबट्टा कब्जे में ले लिया। हजियापुर में रहने वाले वसीम के भाई फरमान ने बताया कि रात करीब तीन बजे उसे चाचा छोटे मियां ने फोन पर वसीम की मौत की खबर दी। धौराटांडा के गांव मुड़िया हाफिज में रहने वाले वसीम के भाई आरिफ के मुताबिक जब वह बाकरगंज पहुंचा तो उसे चारपाई पर वसीम की लाश मिली।
बेटेे ने समझाया तो वसीम बोला.. तुम इस मामले से दूर रहो
बेटेे नदीम ने बताया कि तीन दिन पहले अम्मी और अब्बा के बीच मारपीट की जब उसे खबर मिली तो उसने घर पहुंचकर वालिद को समझाया भी, लेकिन वह दूसरी बीवी के साथ रहने की जिद पर अड़े थे। उन्होंने नदीम को इस मामले से दूर रहने के लिए कह दिया।
बगल के कमरे में थीं दोनों बेटियां
वसीम की दोनों बेटियां हत्या के वक्त बगल के कमरे में मौजूद थीं। अपने वालिद और अम्मी के बीच अक्सर लड़ाई होने की वजह से उन्होंने शनिवार के विवाद को भी गंभीरता से नहीं लिया और कमरे में ही लेटी रहीं। उन्हें मोहल्ले के लोगों के घर में आने के बाद पता चला अब्बा की मौत हो गई है।
दूसरी बीवी ने भी अपने शौहर से छिपाई वसीम से निकाह की बात
वसीम की दूसरी बीवी ने भी अपने शौहर को इस निकाह की बाबत कुछ नहीं बताया था। वसीम की हत्या के बाद जब मामला उजागर हुआ तो उसके घर में भी झगड़ा शुरू हो गया। अब उसका शौहर उससे जानना चाहता है कि आखिर उसने धोखा क्यों दिया। वसीम की दूसरी बीवी ने पुलिस को बताया कि वसीम उसे गुमराह करके कोर्ट ले गया था और जबरन एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया था। 35 साल की इस महिला के चार बच्चे हैं। इस घटना के बाद उसका परिवार भी टूटने के कगार पर पहुंच गया है। हालांकि बाकरगंज चौकी इंचार्ज प्रदीप बिश्नोई ने उसके शौहर को कोई झगड़ा न करने की हिदायत दी है।