आज कल युवक- युवतियां दोनों ही तरह-तरह के वीडियो और फोटो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट करते हैं। लाइक और कमेंट्स की चाहत में वे अपना पूरा समय इसमें लगा देते हैं। उनकी चाहत ही उन्हें बीमार कर रही है। कई लोगों के ऐसे कमेंट्स आते हैं, जिन्हें देखने के बाद युवा सोच में पड़ जाते हैं। वह कमेंट्स को हकीकत मान लेते हैं
क्रीम भी कर रही चेहरा खराब
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेष गजेंद्र वर्मा कहते हैं कि खुद को बेहतर और सुंदर दिखाना मानव प्रवृति हैं। ऐसे में युवतियां खुद को आकर्षक दिखाने के लिए मेकअप करती रहती हैं। क्रीम का उपयोग भी जरूरत से ज्यादा करती हैं। इससे उनके चेहरे की त्वचा खराब होने लगती है। इसे छिपाने के लिए और ज्यादा क्रीम का इस्तेमाल करती हैं। इससे चेहरा ही खराब हो जाता है।
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जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश कुमारी ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें युवा कमेंट्स पढ़ने के बाद अवसादग्रस्त हो गए। लोगों को यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया आभासी दुनिया है। जिंदगी की हकीकत से उसका कोई वास्ता नहीं है। कमेंट्स करने वाले टेंशन देने के लिए भी कमेंट्स करते हैं। आप जैसे भी हैं, उसमें ही खुश रहें।