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नगर निगम के घमासान में निपट गए चीफ इंजीनियर

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बरेली। नगर निगम में मचे घमासान के बीच नगर आयुक्त के सबसे खास माने जाने वाले चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर निपट गए। शासन ने उन्हें यहां से हटाकर नगर निकाय निदेशालय से संबद्ध कर दिया है। चीफ इंजीनियर को हटाने के लिए मेयर उमेश गौतम ने नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और शासन को पत्र भेजा था। इसके साथ पार्षदों पर रिपोर्ट कराने वाले निगम के कर अधीक्षक एवं कार्यालय अधीक्षक आरपी सिंह और दो जेई का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कर अधीक्षक का ट्रांसफर खुद उनके अनुरोध पर किया गया है।
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चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर की तैनाती पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के कार्यकाल में अप्रैल 2018 में हुई थी। उमेश गौतम के मेयर बनने के बाद एसके अंबेडकर उनके निशाने पर आ गए। कुछ ही दिन बाद उन्होंने शासन को पत्र लिखकर चीफ इंजीनियर को हटाने का अनुरोध किया था। बताया जाता है कि इसके बाद तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने मेयर से बात करके चीफ इंजीनियर का ट्रांसफर रुकवा लिया। पिछले दिनों सैमुअल पॉल एन. नगर आयुक्त बने चीफ इंजीनियर की उनसे नजदीकी बढ़ गई। कुछ समय बाद निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच जंग शुरू हुई तो मेयर ने चीफ इंजीनियर को हटाने के लिए दोबारा पत्र भेज दिया। शनिवार रात को चीफ इंजीनियर को यहां से हटाकर नगर निकाय निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया। सोमवार को यह आदेश भी नगर निगम पहुंच गया।

पोर्टेबल शॉप की जांच में भी थी अहम भूमिका
नगर निगम में विवाद की जड़ बनी पोर्टेबल शॉप की जांच में भी चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर की अहम भूमिका थी। इस टीम में सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा नगर निगम से अपर नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर शामिल थे। बताया जाता है कि पोर्टेबल शॉप चीफ इंजीनियर का ड्रीम प्रोजेक्ट था लेकिन जब यह लगाई गईं तो उन्हें किनारे कर दिया गया। सारा क्रेडिट मेयर और तत्कालीन नगर आयुक्त ले गए।
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अस्पताल से बुलाकर लिखाई
थी रिपोर्ट, करा लिया ट्रांसफर
नगर आयुक्त के दूसरे खास की जाने वाले कर अधीक्षक एवं कार्यालय अधीक्षक आरपी सिंह का ट्रांसफर नगर निगम गाजियाबाद को हुआ है। हालांकि उनके आदेश में कहा गया है कि यह ट्रांसफर उनके अनुरोध पर किया गया है। पिछले दिनों नगर निगम में धरना प्रदर्शन के दौरान नगर आयुक्त के पुतले पर जूते मारने और उसे फूंकने की रिपोर्ट आरपी सिंह ने ही लिखाई थी। बताया जाता है कि उस दिन आरपी सिंह के परिवार में कोई बीमार था और वह अस्पताल में थे। मगर उन्हें अस्पताल से जबरन बुलाकर रिपोर्ट लिखवाई गई।

दो जेई ने भी करा लिया ट्रांसफर
निगम के माहौल को देखकर अफसर यहां से भागने में लगे हैं। निर्माण विभाग के दो जेई ने भी यहां से ट्रांसफर करा लिया है। गनेशी लाल वर्मा को यहां से गाजियाबाद नगर निगम और नीलम को नगर पालिका परिषद मोदीनगर भेजा गया है। इनके स्थान पर नगर पालिका परिषद मुरादनगर से वीणा मौर्य और गाजियाबाद से नागेंद्र कुमार शर्मा को यहां भेजा गया है।

एक्सईएन को चार्ज देने की तैयारी
नगर निगम में फिलहाल कोई नया चीफ इंजीनियर तैनात नहीं किया गया है। चर्चा है कि एक्सईएन संजय चौहान को ही चीफ इंजीनियर का प्रभार देने की तैयारी चल रहे है। यह प्रक्रिया मंगलवार को चीफ इंजीनियर के रिलीव होने के बाद पूरी की जाएगी।
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