बरेली। नेपाल के जंगल से रास्ता भटककर तीन दिन पहले बहेड़ी पहुंचने वाले दोनों हाथी उतराखंड की सीमा क्षेत्र में पहुंचने के बाद फिर रास्ता भटक गए और रविवार को रामपुर क्षेत्र में पहुंच गए। वहां भी हाथियों ने हमला कर एक ग्रामीण को मार डाला। हाथी फिर से बरेली न पहुंचे.. इसलिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। हाथियों के आतंक से निपटने के लिए रामपुर के डीएफओ अखिलेश सिंह ने बरेली के वन संरक्षक पीपी सिंह से दिशा-निर्देश मांगे। वन संरक्षक ने उन्हें धुएं की मदद से जंगल में खदेड़ने की सलाह दी।
पांच दिन पहले नेपाल के जंगल से रास्ता भटक कर दो हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में पहुंच गए थे। वहां से पीलीभीत के अमरिया होते हुए तीन दिन बहेड़ी पहुंच गए थे। शुक्रवार को हाथी ने एक किसान को पटककर मार डाला था। वन संरक्षक पीपी सिंह और डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि वनकर्मियों की तीन टीमों ने हाथियों के रास्ते में लकड़ी जलाकर धुआं किया। उत्तराखंड के जंगल को जाने वाला रास्ता खुला छोड़ दिया गया। वनकर्मी अपनी इस मुहिम से दोनों जंगली हाथियों को रात में ही उत्तराखंड के जंगल की सीमा तक खदेड़ने में कामयाब हो गए थे। बताया जाता है कि उत्तराखंड की सीमा में पहुंचने के बाद ये हाथी फिर रास्ता भटक गए और रविवार सुबह रामपुर क्षेत्र में पहुंच गए। वहां भी उन्होंने एक ग्रामीण को हमला कर मार डाला। रात होने पर हाथी फिर बरेली का रुख कर सकते हैं.. इसको लेकर वन विभाग अलर्ट हो गया है। वनकर्मियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी करने को कहा गया है। कहीं भी लोकेशन मिलने पर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए हैं। वन संरक्षक भी लगातार रामपुर के वन विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि रामपुर के डीएफओ अखिलेश सिंह ने उनसे हाथियों को खदेड़ने के लिए सलाह मांगी थी। इस पर उन्होंने डीएफओ से तीन तरफ से लकड़ी का धुआं करने और उत्तराखंड के जंगल जाने वाले रास्ते को खुला छोड़ने के निर्देश दिए हैं।