बरेली। गर्मी की छुट्टियां तो खत्म हो गईं लेकिन गर्मी नहीं। बल्कि पिछले कई सालों का रिकॉर्ड देखते हुए इस बार मौसम के तेवर कुछ ज्यादा ही तीखे हैं। ऐसे में ही शहर के ज्यादातर स्कूल सोमवार को निर्धारित तारीख पर नए सेशन के लिए खुलने जा रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुमान के मुताबिक एक जुलाई को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जाहिर है कि घरों में एसी-कूलर के जरिये गर्मी से बचाव कर रहे बच्चे जब कड़ी धूप में स्कूल पहुंचेंगे तो उन पर गर्मी से बीमार होने का खतरा रहेगा। अभिभावक संघ और शिक्षकों की मांग के बावजूद जिला प्रशासन ने छुट्टी बढ़ाने से इनकार कर दिया है, लिहाजा अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के लिए ज्यादा सजग रहना पड़ेगा।
वैसे भीषण गर्मी को देखते हुए कुछ स्कूलों ने छुट्टियां बढ़ा दी हैं। डीपीएस और हैरो स्कूल एक जुलाई के बजाय चार जुलाई को खुलेंगे। पर्ल्स नेक्स्ट जेनरेशन स्कूल में दो जुलाई से बच्चे पढ़ने पहुंचेंगे। मगर बिशप कोनराड की सभी ब्रांच, सेंट फ्रांसिस, बीबीएल, बेदी इंटरनेशनल, पद्मावती एकेडमी, जीडी गोयनका, मदर्स पब्लिक आदि स्कूलों ने एक जुलाई से ही शिक्षा सत्र शुरू करने की घोषणा की है। अभिभावकों को इसकी सूचना भी भेज दी गई है। हालांकि इससे पहले सुबह गर्मी की वजह से दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी आठ जुलाई तक बढ़ाने की खबर आने के बाद बरेली में भी अभिभावकों की उम्मीद जाग गई। अभिभावक रात तक स्कूलों में फोन करके छुट्टी की जानकारी लेते रहे।
दरअसल, अभिभावक भी इसलिए चिंतित हैं क्योंकि इस बार पिछले सालों के मुकाबले काफी गर्मी है। एक जुलाई को इस बार तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है जो पिछले पांच सालों की तुलना में सर्वाधिक है। अभिभावक संघ के अंकुर किशोर सक्सेना ने डीएम को ज्ञापन देकर बच्चों के गर्मी से बीमार पड़ने की आशंका जताते हुए आठ जुलाई तक स्कूल बंद रखने की मांग की है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक शिक्षक संगठन के हरीश बाबू शर्मा ने भी आठ जुलाई के बाद स्कूल खोलने की मांग की है। हालांकि डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टियां बढ़ाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है।
पिछले साल से इस बार चार डिग्री ज्यादा तापमान
पिछले पांच सालों की तुलना में इस बार एक जुलाई को सबसे ज्यादा गर्मी होगी। 2018 में एक जुलाई को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस रहा था और 2017 में इससे भी कम 36.6 डिग्री था। 2016 में 34.4 और 2015 में एक जुलाई को सिर्फ 25.2 डिग्र्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ था। इस बार एक जुलाई को 41 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना है जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है।
वायरल इन्फेक्शन, डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं बच्चे
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र के मुताबिक इन दिनों सुबह आठ बजे से ही बेहद कड़ी धूप हो रही है। ऐसे मौसम में बच्चे डिहाइड्रेशन और वायरल फीवर के शिकार हो सकते हैं। त्वचा झुलसने और फंगल इन्फेक्शन होने का भी खतरा है।
हर समय पानी रखें अपने साथ
डॉक्टरों की अभिभावकों को सलाह है कि बच्चों को वे घर से नाश्ता कराकर पानी की बोतल देकर भेजें। छाता रखने के साथ धूप में खेलने से बचें। बाहर का तला-भुना या खुले में रखा खाना न खाएं। ढीले कपड़े पहनें और ग्लूकोज का एक पैकेट भी पास रखें। खाने-पीने के दौरान साफ-सफाई का भी ख्याल रखें।