फरीदपुर। चकबंदी की पैमाइश करते हुए दूसरे गांव की भूमि की पैमाइश पर ग्रामीण उखड़ गए और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार ने जांच के निर्देश दिए हैं।
फरीदपुर के गांव मोहनपुर में वर्ष 2005 में चकबंदी हुई थी। इस दौरान चकबंदी अधिकारियों ने ग्रामीणों को कब्जा दिलवा दिया था। बताते हैं कि गांव मोहनपुर की सीमा से लगे नवादा बिलसंडी गांव में इसी वर्ष चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई है। चकों को नापा जा रहा है। इस गांव के चक नापते हुुए चकबंदी अधिकारी ने मोहनपुर गांव के चकों को इसमें शामिल कर लिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए। उनका कहना था कि पहले भी चकबंदी अधिकारियों ने नाप कर ही दिए है और अब उनके गांव की जमीन दूसरे गांव के लोगों को नाप कर कैसे दी जा सकती है। मोहनपुर के ग्रामीणों ने इसको लेकर एसडीएम कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। फिर तहसीलदार कार्यालय जाकर एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों का कहना था कि राजस्व टीम को भेजकर पहले मोहनपुर की सीमा का निर्धारण किया जाए, जिससे उनके गांव की भूमि सुरक्षित हो सके। तहसीलदार आनंद सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मोहनपुर के ग्रामीणों की भूमि की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने राजस्व निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो