योगी जी! वो वादे ‘मोहब्बत’ के क्या हो गए
रुष्ट उद्यमियों ने शासन पर भ्रामक आदेश जारी करने का मढ़ा आरोप
सरकार ने टैक्स में छूट के साथ कई सुविधाएं देने का किया था एलान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। प्रदेश भर के उद्यमी योगी सरकार से रुष्ट हैं। उनका कहना है कि सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने के नाम पर नई निवेश और रोजगार सृजन नीति बनाई थी। दो साल पहले नए उद्योग लगाने के लिए इन्वेस्टर्स समिट की जिसमें सरकार ने लंबे-चौड़े वादे किए पर लोकसभा चुनाव होते ही इन वादों को भुला दिया। शुक्रवार को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत बरेली के उद्यमियों ने भी इस पर विरोध जताते हुए सरकार को अपने वादे पूरे करने के लिए चेताया। इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के नेताओं ने वादे के मुताबिक संबंधित विभागों से संशोधित आदेश भी जारी कराने की मांग की।
शुक्रवार शाम आईआईए अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल ने प्रेसवार्ता बुलाकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि दो साल पहले प्रदेश सरकार ने नया उद्योग लगाने पर सात साल तक टैक्स समेत विभिन्न छूट देने का एलान किया था। इसके तहत प्रदेश भर में नए उद्योग लगना शुरू हुए लेकिन दो साल बीतने पर भी घोषित सुविधाएं नहीं दी गईं हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने नए निवेशकों से वादा किया था कि जीएसटी समेत विभिन्न मामलों में उन्हें छूट मिलेगी। मगर इसके उलट ऊंचे पदों पर बैठे अफसरों ने भ्रामक शासनादेश जारी करा दिए। इससे नए निवेशक परेशान हैं। पीयूष अग्रवाल ने संशोधित आदेश जारी करने की मांग की। मंडलीय अध्यक्ष मनोहर लाल धीरवानी ने बताया कि संगठन ने सभी जिलों में प्रेस वार्ता कर सरकार की वादाखिलाफी का विरोध किया है। कार्यक्रम में सुरेश सुंदरानी, आरके गोयल, बिमल रेवाड़ी, राजेश गुप्ता भी मौजूद रहे।