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फिलहाल तो दशहरा तक करें हवाई उड़ान का इंतजार

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बरेली। फिलहाल तो बरेली से जल्द हवाई सेवा शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं क्योंकि वित्तीय संकट में फंसी जेट एयरवेज को अभी तक कहीं से भी मदद नहीं मिली है। उधर, टर्बो एविएशन भी अब तक एयर क्राफ्ट नहीं खरीद पाया है। इस बीच केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने एक बार फिर जोर आजमाइश शुरू कर दी है। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर प्रस्तावित हवाई सेवाएं संचालित करने का आग्रह किया।
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लखनऊ-बरेली-दिल्ली-बरेली-लखनऊ मार्ग पर हवाई सेवा शुरू करने के लिए जेट एयरवेज को लाइसेंस मिला है। जेट एयरवेज अफसरों ने बरेली आकर नाथ नगरी एयर टर्मिनल पर मौजूद सभी सुविधाओं को दुरुस्त करार दिया। इसके बाद 10 मार्च को भवन का उद्घाटन भी हो गया। इस मौके पर कहा गया था कि बरेली से जेट एयरवेज हवाई उड़ान 15 अप्रैल से शुरू कर देगा। इस कार्यक्रम के दिन ही चुनाव आचार संहिता लग गई। उधर, जेट एयरवेज गहरे वित्तीय संकट में फंस गया। उसे उबारने के लिए सरकार, वित्तीय संस्थाएं, बैंकों ने भरपूर मदद देने के वादे भी किए, लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि कंपनी बिकने को तैयार है। दो माह पहले अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी सभा संबोधित करने बरेली आए। तब उन्होंने यहां से हवाई उड़ान जल्द शुरू कराने का वादा किया था। इसी क्रम में बृहस्पतिवार शाम दिल्ली में कें द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर बरेली से हवाई सेवाएं शुरू कराने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा किए गए वादे से भी अवगत कराया। इस पर उन्होंने कहा कि जेट कंपनी जहाज उड़ाने में असहाय है। टर्बो के पास सिर्फ बरेली-लखनऊ का परमिट है। इसलिए दिल्ली-बरेली और लखनऊ के बीच किसी अन्य आपरेटर को काम सौंप दिया जाए। इस पर पुरी ने कहा कि नए आपरेटर कम से कम दो महीने में अपनी सेवाएं शुरू कर पाएगा क्योंकि उसे कई तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इस मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि बरेली से हवाई सेवाएं दशहरा से पहले शुरू होना मुश्किल हैं।
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