बरेली। जिला अस्पताल रोड से करीब हफ्ताभर पहले हटाए गए अतिक्रमणकारी फुटपाथ दुकानदार मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर कहा कि उनकी रोजी-रोटी का सवाल है, इसलिए उन्हें दुकानें लगाने दी जाएं। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट काफी नाराज हुए और उन्होंने दुकानदारों से फिर से सख्त चेतावनी दी कि अस्पताल रोड पर कब्जे से एंबुलेंस फंस जाती हैं। मरीजों को भी आने-जाने में देरी होती है। दोबारा कब्जा करके दुकानें लगाई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
कोतवाली से जिला अस्पताल रोड पर सड़क के दोनों ओर फुटपाथ दुकानदारों का कब्जा रहता है। जिनकी पक्की दुकानें भी हैं, वे भी बाहर सामान बाहर रखकर कई फुट तक सड़क घेरे रहते हैं। इस वजह से यहां एंबुलेंस को आने-जाने में जाम में फंस जाती है। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने करीब सप्ताहभर पहले कार्रवाई कर उसे हटा दिया था। मंगलवार को कुछ दुकानदार सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुकानें न लगने से उनके सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से फुटपाथ दुकानदारों के हित का ध्यान में रखते हुए दोबारा दुकानें लगाने की बात कही। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे सिरे से नकार दिया।
डेलापीर मंडी के 26 दुुकानदारों ने कराई जमानत
सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने हाल में डेलापीर मंडी के पास चेकिंग करके सड़क और फुटपाथ पर दुकानें लगाए 28 दुकानदारों को चिह्नित किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें नोटिस देते हुए अपनी कोर्ट में उपस्थिति होने के आदेश दिए थे। मंगलवार को ये दुकानदार सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाजिर हुए। सभी यह माफीनामा लगाया कि आइंदा से वह ऐसी गलती नहीं करेंगे। इस आधार पर उन सभी से जमानत ले ली है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह केस चलता रहेगा। अगर दुकानदारों ने फिर से गलती की तो उन सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से निपट रहा है। यह अभियान आगे भी चलेगा। अवैध कब्जेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट