बरेली। केंद्र में प्रचंड बहुमत से सरकार बनने के बाद भाजपा संगठन में फेरबदल की अटकलें हैं। वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर को यह पद संभाले हुए 3.5 साल से अधिक समय बीत चुका है। भाजपा ने विधानसभा चुनावों से पहले जनवरी 2016 में जिलाध्यक्ष पद पर इनकी ताजपोशी की थी। अब पार्टी उनको दूसरी भूमिका में देखना चाहती है। ठाकुर बिरादरी इस पद पर भाजपा की पहली पसंद है। हालांकि ठाकुर के अलावा ब्राह्मण या वैश्य समुदाय से भी नया जिलाध्यक्ष हो सकता है।
भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष तक पर फेरबदल होने हैं। पार्टी बरेली समेत उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में पुराने नेताओं को दूसरी जगह समायोजित कर जिला और महानगर अध्यक्ष पदों पर युवा और उर्जावान कार्यकर्ताओं को लाना चाहती है। छह जुलाई से भाजपा का सदस्यता अभियान प्रारंभ हो रहा है, जो वर्तमान जिलाध्यक्ष की अगुवाई में ही चलेगा। सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद जिला और महानगर अध्यक्ष पदों पर नए पदाधिकारियों को मौका मिलना तय माना जा रहा है। ठाकुर बिरादरी से पूर्व में छात्र नेता रहे और वर्तमान में जिला कार्यकारिणी में शामिल एक पदाधिकारी के अलावा केंद्रीय मंत्री के करीबी और संगठन में वरिष्ठ पदाधिकारी और फरीदपुर के एक ठाकुर नेता जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल हैं। इस बिरादरी से पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके नेताजी पर भी पार्टी दांव लगा सकती है। ब्राह्मण चेहरे को तरजीह देने की स्थिति में संघ के वरिष्ठ स्वयं सेवक रहे और वर्तमान में भाजपा जिला कार्यकारिणी में वरिष्ठ पदाधिकारी की प्रबल दावेदारी है। इनके अलावा कैंट विधान सभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके भाजपा बृज क्षेत्र के बड़े पदाधिकारी भी दावेदार हैं। वैश्य समुदाय से जिलाध्यक्ष बनने की स्थिति में बृज क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी के अलावा संघ परिवार के करीबी भाजपा नेता को जिलाध्यक्ष पद का गंभीर दावेदार माना जा रहा है। पिछड़े वर्ग से जिलाध्यक्ष बनने की संभावना हालांकि कम है, लेकिन इस वर्ग से अगर जिलाध्यक्ष बनता है तो लोध और कुर्मी बिरादरी से कोई चेहरा आजमाया जा सकता है।
नए महानगर अध्यक्ष पद पर भी दर्जनों दावेदार
वर्तमान भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा की इस पद पर लोकसभा चुनाव से पहले ही ताजपोशी हुई थी। मगर, फेरबदल होने की स्थिति में भाजपा के महानगर अध्यक्ष पद पर वैश्य या कायस्थ समुदाय का कोई व्यक्ति बिठाया जा सकता है। हालांकि दलित वर्ग की भागेदारी का मुद्दा गरमाया तो पुराने महानगर अध्यक्ष की भी लाटरी लग सकती है क्योंकि उन पर एक बड़े नेताजी का हाथ है। एक अन्य पूर्व महानगर अध्यक्ष भी बड़े नेता की सिफारिश से दोबारा इस पद को हथियाने की कोशिशों में जुटे हैं।
भाजपा का सदस्यता अभियान शुरू हो रहा है। उसके बाद संगठन में ऊपर से नीचे तक फेरबदल तो होगा ही। इस बार ठाकुर बिरादरी से जिलाध्यक्ष बनने की पूरी संभावना है। हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा। एक वरिष्ठ पदाधिकारी भाजपा (बृज क्षेत्र)