बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर फतेहगंज पूर्वी के हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर काफी जाम लगता है। कई बार लोगों को तीन से चार घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ जाता है। इसे देखते हुए कमिश्नर ने एनएचएआई के चेयरमैन से बात कह इस क्रासिंग पर जल्द ही ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू कराने को कहा था। शुरूआत में एनएचएआई के अफसरों ने तेजी दिखाई। सर्वे भी हुआ लेकिन समय के साथ यह कवायद ठंडी पड़ गई है।
एनएचएआई के बरेली-सीतापुर फोरलेन के करीब 2200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में हुलासनगरा क्रासिंग पर रेलवे को ओवरब्रिज का निर्माण भी शामिल था लेकिन इसका कांट्रेक्ट लेने वाले इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी के फरार हो जाने के बाद इस ओवरब्रिज के साथ ही सारा प्रोजेक्ट ही बंद पड़ा है। दिक्कत आ रही है कि इस हाईवे पर हुलासनगरा क्रासिंग पर काफी लंबा जाम लगता है। लखनऊ और दिल्ली की ओर आने-जाने वालों को इससे खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इसे मामले में खास दिलचस्पी लेते हुए एनएचएआई के चेयरमैन से बात की थी। उन्होंने इस पर जोर दिया था कि हुलासनगरा के ओवरब्रिज का काम मेन प्रोजेक्ट से अलग कर बनाया जाए। बताते हैं कि इसके बाद एनएचएआई और रेलवे ने इसका संयुक्त निरीक्षण भी किया था लेकिन हेडक्वार्टर जाने के बाद यह फाइल डंप हो गई। एनएचएआई के अफसर नहीं बता पा रहे कि ओवरब्रिज का काम कब शुरू हो सकेगा।