आंवला। पिछले साल सैकड़ों लोगों की जान ले चुका बुखार आंवला क्षेत्र में फिर पैर पसारने लगा है। रविवार को बुखार की चपेट में आकर दरावनगर गांव के बीकॉम छात्र की मौत हो गई। इसी गांव में दर्जनों लोग बुखार से ग्रस्त हैं। सरकारी अस्पताल में बदइंतजामी के चलते ये लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।
ब्लाक रामनगर के गांव दरावनगर निवासी चेतन प्रकाश चंदौसी के एक कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे। पिता भगवान स्वरूप ने बताया कि दो दिन से चेतन को बुखार आया था। आंवला के झोलाछाप से उसका उपचार करवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रविवार सुबह तेज बुखार आने पर उसे कस्बे में लेकर आए, लेकिन इससे पहले की डॉक्टर उसे देख पाते उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। गांव के सुदामा (40), निजाकत (23), फिरोज (35), नुमान खां (8), सय्यद शाह (28), तयूब खां (25), इसराइल खां (40), इंतजार खां (60) और सरबरी (55) बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। इन सबका इलाज भी झोलाछाप के यहां चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उनके गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है।
‘गांव में बुखार के प्रकोप की कोई जानकारी नहीं है। सोमवार को गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।’
-डॉ. अजय कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी रामनगर