बरेली। वाराणसी से एलटीटी (लोकमान्य तिलक टर्मिनल) जाने के दो तत्काल टिकट एक ही काउंटर से निकलने की जांच शुरू हो गई है। जांच शाहजहांपुर और जंक्शन के सीएमआई कर रहे हैं। टिकट काउंटर की एक महिला कर्मचारी की भूमिका भी इसमें संदिग्ध पाई गई है। आरपीएफ इंसपेक्टर ने दोनों टिकट को ब्लॉक कराकर संबंधित यात्री की यात्रा रोक दी है।
मुरादाबाद डिवीजन की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने जंक्शन के रिजर्वेशन आफिस की एक ही टिकट विंडो से कुछ सेकेंड के अंतराल में वाराणसी से एलटीटी के दो टिकट निकलने की जांच शाहजहांपुर और जंक्शन के सीएमआई को सौंपी है। दोनों अधिकारियों ने बृहस्पतिवार से जांच भी शुरू कर दी है।
दूसरी ओर आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएस तोमर ने तत्काल के दोनों टिकटों को ब्लॉक कराकर संबंधित यात्री की यात्रा पर रोक लगा दी है। अलग-अलग ट्रेनों के दोनों टिकटों का रिफंड भी नहीं हुआ है। उधर, तत्काल टिकट निकालने के आरोपी सर्वेश को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। यह दोनों टिकट मंगलवार को काशी विश्वनाथ से वाराणसी पहुंचने थे। दूसरी ओर एक ही व्यक्ति के दो तत्काल टिकट निकालने वाली आरक्षण आफिस की महिला कर्मचारी भी संदिग्धता के घेरे में आ गई हैं। गौरतलब है कि 18 जून को जंक्शन पर आरपीएफ ने तत्काल टिकट ब्लैक करते हुए एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया, उसके पास से दो तत्काल टिकट भी मिले हैं।
जंक्शन के सीआईटी एके चौबे ने बताया कि आरोपी युवक बारादरी की मीरा पैठ का सर्वेश कुमार है, जिसको मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।