बरेली। जिला महिला अस्पताल की छत से कूदकर प्रसूता के जान देने के मामले में अस्पताल प्रशासन दूसरे दिन भी किसी की लापरवाही तय नहीं कर सका। मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जांच के नाम पर सीएमएस ने तीन डॉक्टरों की कमेटी जरूर गठित कर दी है। अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों से लेकर गार्ड तक का स्पष्टीकरण लेकर रख लिया है।
जिला अस्पताल में नौ जून को भर्ती प्रसूता पूजा का बड़े ऑपरेशन के बाद मृत बच्चा पैदा हुआ था। इसके बाद से ही पूजा बच्चे के गम में असामान्य व्यवहार करने लगी थी। रविवार सुबह चार बजे के करीब उसने जिला महिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। अस्पताल प्रशासन अपनी कमियों पर पर्दा डालने में जुटा है। महिला अस्पताल की सीएमएस ने कार्रवाई के नाम पर उस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और गार्ड के बयान लेने के साथ ही स्पष्टीकरण लेकर रख लिया है। मगर सोमवार को घटना के दूसरे दिन भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। अब सीएमएस ने विस्तृत जांच के नाम पर डॉ. यशवंत, डॉ. वीपी सिंह व एसीएमओ डॉ. आरएन गिरि की टीम गठित कर दी है। साथ ही ऊपरी मंजिल के गेट में ताला लगा दिया गया है। सीएमएस डा. अलका शर्मा का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।