बरेली। पुलिस फोर्स की मदद से कई दिन बाद नगर निगम में अपने दफ्तर पहुंचे नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन, ने मीडिया के जरिये पार्षदों को शांति का पैगाम दिया। अपने दफ्तर में बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के ज्यादातर सवालों का जवाब दिए बगैर नगर आयुक्त ने पार्षदों को सफाई दी कि ‘जो हो गया, वो हो गया और वो अभी सही नहीं कर सकते’। बोले- मैं जनता का नौकर और शासन का प्रतिनिधि हूं, लिहाजा सभी पार्षदों से अपील करता हूं कि मेरे साथ जुड़कर शहर की जनता की जिंदगी बेहतर करने में सहयोग करें।
नगर आयुक्त ने मीडिया के सामने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने इस विवाद को हल करने का प्रयास किया लेकिन लोग माने नहीं। आज जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से वह ऑफिस आए हैं, लेकिन यहां आने से पहले अपने कैंप ऑफिस से ही लगातार जनता के काम करते रहे। स्मार्ट सिटी के सीईओ के तौर पर भी काम किया। नाला सफाई, पॉलिथीन पर कार्रवाई समेत सारे काम हुए हैं। नगर आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शहर को बेहतर बनाने की बात कहते हुए साफ किया कि उनकी किसी से लड़ाई नहीं है। शासन की मंशा और मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश के अनुरूप काम करेंगे। नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों और उन्हें हटाने की मांग के साथ पार्षदों के साथ हुए विवाद से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई बात नहीं की। बोले- जो हो गया, सो हो गया, उसे सही नहीं कर सकते। अब सबसे सहयोग की अपेक्षा के साथ नगर निगम अधिनियम में मिली शक्तियों के अनुसार काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका नंबर सभी पार्षदों के पास है। फोन या व्हाट्सएप पर जो शिकायतें मिलेगी, उनका समाधान कराएंगे।
फोर्स के साथ फायर ब्रिगेड भी लगाई
तब नगर आयुक्त की सवारी आई
पुलिस-प्रशासन ने नगर आयुक्त को कार्यालय में बैठाने की तैयारी एक दिन पहले ही कर ली थी। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे से ही नगर निगम पर पुलिस का सुरक्षा घेरा कड़ा होने लगा और नौ बजे तक पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां तक कि निगम परिसर में फायर ब्रिगेड तक लगा दी गई। नगर निगम में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही थी और लोगों से पूछा जा रहा था कि इनमें कोई पार्षद तो नहीं है। करीब साढ़े दस बजे कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज वर्मा नगर आयुक्त को लेकर पहुंचे और फिर वह अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। हालांकि नगर निगम में चल रहे विवाद के कारण फरियादी कम ही पहुंचे। एजाजनगर गौटिया के लोग जलभराव की समस्या लेकर पहुंचे। श्यामगंज-शाहदाना मर्चेंट एसोसिएशन के बैनर तले जफर बेग, राजीव, कैसर रजा आदि ने श्यामगंज पुल के नीचे बदहाली बताई। नगर आयुक्त ने जल्दी ही वहां की समस्या दूर करने को कहा। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस, श्यामगंज, चौपुला आदि क्षेत्रों में नाला सफाई का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
सामूहिक इस्तीफे पर साइन कर
दिए पर बैठक में नहीं आए
सामूहिक इस्तीफे से पहले सुबह नौ बजे भाजपा पार्षदों ने मेयर उमेश गौतम के सिटी कार्यालय पर मीटिंग की, फिर सभी भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर पार्षद दल के उपनेता छंगामल मौर्य ने त्यागपत्र पढ़कर सुनाया और फिर उसे मेयर, महानगर अध्यक्ष और नगर विधायक को सौंप दिया। इस इस्तीफा पर पहले 43 पार्षदों के नाम थे, जिनमें से चार नाम बाद में काट दिए गए। इस पर राजेश मिश्रा, सर्वेश रस्तोगी, सतीश कातिब, नरेश चंद्र शर्मा, छंगामल मौर्य, वीरेंद्र कुमार, सुभाष वर्मा, धर्मवीर, सुदामा देवी, सुधा शर्मा, हरिओम कश्यप, मुनेंद्र सिंह, मुकेश सिंघल, राजकुमार गुप्ता, अमित कुमार, कुसुम, विनोद कुमार, रूप किशोर, अवनेश कुमार, हरनाम सिंह, अजय कुमार चौहान, अतुल कपूर, पुष्पेंद्र माहेश्वरी, पूनम गंगवर, संजय राय, महेश राजपूत, धनदेवी, जावित्री देवी, बृजपाल, अभिषेक सक्सेना, ऊषा उपाध्याय, नत्थूलाल राठौर, अनुपम चमन, सौरभ सक्सेना, रेनू, प्रेमचंद, शाहजहां बेगम, मो. सलीम और आरेंद्र अरोरा के साइन थे। इनमें से तमाम ऐसे पार्षद भी हैं, जिनके नाम और हस्ताक्षर त्यागपत्र पर थे लेकिन वहां मौजूद नहीं थे।
नहीं पहुंची शालिनी जौहरी
पार्षद दल की मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी सामूहिक इस्तीफे को लेकर रविवार को बैठक में ही बगावत कर चुकी हैं। इसके बाद वह सोमवार को भी नहीं पहुंचीं। इससे पूर्व उन्होंने पुतला दहन में भी शामिल होने से इंकार कर दिया था, जिसको लेकर कई पार्षदों से उनका विवाद भी हुआ।
इस्तीफा स्वीकृत या नहीं..
भाजपा पार्षदों ने इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को संबोधित करके दिया है। उपनेता छंगामल के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष इसे स्वीकृत करेंगे तभी यह इस्तीफा मान्य होगा। वहीं सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल का कहना है कि मेयर के हाथ में आते ही इस्तीफी स्वीकृत माना जाता है। वह नगर आयुक्त से कहेंगे कि इस संबंध में शासन का दिशानिर्देश ले लिया जाए।
गौतम बोले- अब धरना न दें पार्षद
भाजपा पार्षदों को बता दिया गया है कि अब वे नगर निगम में धरना प्रदर्शन न करें और शांति बनाए रखें। महानगर अध्यक्ष के साथ उनकी बात प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री के समक्ष रखी जाएंगी। मुझे उम्मीद है कि भाजपा का प्रदेश नेतृत्व शीघ्र ही कोई न कोई हल निकालने का प्रयत्न करेगा। - उमेश गौतम, मेयर
इस्तीफा मंजूर जो हम लड़ाई शुरू करें
हम जायज मांग कर रहे थे कि पार्षद विनोद सैनी पर दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट वापस हो। उसे वापस न लेकर प्रशासन और निगम ने तानाशाही रवैया अपनाकर तीन और रिपोर्ट करा दीं। हमको धरने पर बैठे 16 दिन हो चुके थे और कोई निर्णय नहीं दिख रहा था। इस पर हमने सामूहिक इस्तीफे का मन बनाया ताकि अपनी बात प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएं। इस्तीफा मंजूर होने पर हम स्वतंत्र होकर अपनी लड़ाई लड़ सकते हैं।
- छंगामल मौर्य, उपनेता नगर निगम
प्रदेश नेतृत्व को बता दी पूरी बात
नगर निगम में जो हुआ, वह अच्छा नहीं है। मैंने पार्षदों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उसे प्रदेश नेतृत्व के पास लेकर जाऊंगा। प्रदेश नेतृत्व को सारी बात लगातार अवगत कराई गई है। बहुत जल्दी समस्या का हल हो जाएगा, सभी पार्षदों ने धरना समाप्त करने को भी कह दिया गया है।
- डॉ. केएम अरोरा, महानगर अध्यक्ष भाजपा