बरेली। बच्चों की छुट्टी के बाद हरिद्वार-मसूरी घूमने गए सैलानियों के लिए रद्द ट्रेनें मुसीबत का सबब बन जाएंगी। जून के आखिरी सप्ताह से सैलानी लौटने लगेंगे, लेकिन आठ ट्रेनें रद्द होने के कारण दिक्कत होना तय है। जबकि सैलानियों ने दो महीने पहले ही रिजर्वेशन करा लिए थे।
दो महीने में रेलवे का इंजीनियरिंग अनुभाग कई बार आठ घंटे से अधिक का मेगा ब्लाक लेकर पटरियों, स्लीपरों और ओएचई लाइन की मरम्मत कर चुका है। इसके बावजूद जंक्शन पर प्लेटफार्म दो की जर्जर लाइन नहीं बदली गई। अब आधा किलोमीटर की लाइन बदलने के लिए 15 दिन का ब्लॉक लिया है। एक जुलाई को शहर के सभी स्कूल खुल जाएंगे। ट्रेनों में बर्थ की मारामारी के चलते लोगों ने करीब दो महीने पहले ही रिजर्वेशन करा लिया था, जिससे सुविधाजनक यात्रा हो सके। जून के आखिरी सप्ताह में लोग लौटना शुरू करेंगे। ऐसे में 25 जून से 15 दिन के लिए देहरादून वाराणसी जनता एक्सप्रेस को रद् कर दिया है। देहरादून के लिए हावड़ा देहरादून 19 तक रद्द है। इसी कारण यात्रियों ने जनता में रिजर्वेशन कराया था, लेकिन अब ये भी रद्द कर दी गई। ऐसे में सैलानियों को दिक्कत होना तय है। देहरादून के लिए सप्ताह में एक दिन हावड़ा देहरादून उपासना एक्सप्रेस, तीन दिन गोरखपुर-देहरादून राप्ती गंगा एक्सप्रेस और हरिद्वार के लिए सप्ताह में तीन दिन इलाहाबाद हरिद्वार एक्सप्रेस है। इन ट्रेनों में यात्रियों ने पहले से ही रिजर्वेशन करा रखा है, ऐसे में जनता एक्सप्रेस के यात्रियों को रिजर्वेशन मिलना मुश्किल काम है।
पटरी तो 12 घंटे में बदल जाएंगी.. 14 दिन क्यों
सूत्रों का कहना है कि पीडब्ल्यूआई (रेल पथ इंजीनियर) के दो सौ मजदूर आधा किलोमीटर की पटरी और स्लीपर एक दिन में बदल सकते हैं। ऐसे में 14 दिन का ब्लॉक लेकर यात्रियों को परेशान क्यों किया जा रहा है। रेल के जानकारों का कहना है कि नई पटरी बिछाने में नापतौल में समय लगता है। लाइन नंबर तीन की पटरी और स्लीपर हटाने के बाद ही बिछाए जाने हैं। ऐसे में समय कम ही लगेगा।