बिशारतगंज। मझगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मलेरिया बुखार के रोगियों की दिन व दिन बढ़ती तादाद का असर मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टरों पर भी पड़ने लगा है। पिछले दिनो मलेरिया की चपेट में आए चिकित्सक डॉ. मानस माहेश्वरी अभी पूरी तरह से उभर नहीं पाए थे कि दूसरे डॉ. सुशील कुमार वर्मा भी मलेरिया की चपेट में आ गए। मझगवां अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 700 के बीच नए व 200 से 300 पुराने रोगी पहुंच रहे है। रोजाना एक हजार के करीब मरीजों की भीड़ अस्पताल में रहती है। क्यारा और भमोरा के कई गांवों के रोगी मझगवां इलाज के लिए आते है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि बुखार रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रयोगशाला में स्लाइड बनाने के काम में एएनएम को लगाया गया है। ओपीडी में भी एएनएम से काम लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में तैनात एएनएम व आशा वर्कर को हिदायत दी गई है कि बुखार रोगी की जानकारी मिलने पर उन्हें सीधे अस्पताल आकर जांच कराने की सलाह दे। बुखार रोगी जांच के बाद ही दवा ले झोलाछाप के चक्कर में न पड़े। ब्यूरो