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स्टाफ को पता था पूजा जान देने की कोशिश करेगी.. फिर भी मरने दिया

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बरेली। जिला महिला अस्पताल के स्टाफ ने एक बार फिर साबित किया कि उसे मरीजों की जान की कोई परवाह नहीं है। पूजा की मौत भी इसकी मिसाल बन गई। पूजा को पोस्टपार्टम साइकोसिस जैसी गंभीर मानसिक बीमारी थी, जिससे ग्रसित महिला अवसाद में जान देने की कोशिश करता है। बकौल सीएमएस- उन्होंने इस बारे में स्टाफ को अलर्ट किया था। पूजा की लगातार निगरानी के भी आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद स्टाफ ने बेड से गायब होने के बाद उसे ढूंढने की कोशिश तक नहीं की। घरवालों ने कहा तब भी स्टाफ टाल गया। घरवालों को भी पूजा को ढूंढने की इजाजत नहीं दी।
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मृत बच्ची को जन्म देने के बाद होश में आई पूजा परेशान थी। परिजनों ने उसे दिलासा दिया कि बीमार बच्ची का दूसरी जगह इलाज चल रहा है, लेकिन पूजा का चिड़चिड़ापन बढ़ता गया। पति राकेश ने ससुराल वालों को बताया तो बिहार से पूजा का भाई सूरजपाल और चाचा मुन्नालाल भी आ गए। सास राजवती के मुताबिक रात दो बजे करीब पूजा ने उनसे पानी मांगा। पानी पीकर वह लेट गई पर सोई नहीं। सुबह चार बजे वह तेजी से बिस्तर से उठी और जीने की कुंडी खोलकर ऊपर चली गई। सास ने बताया कि पूजा उठी तो वह भी जाग गई थीं। फिर पूजा के पीछे गईं भी लेकिन रास्ता भटककर वापस आ गईं। अस्पताल की महिलाकर्मी और सुरक्षा में लगी होमगार्ड से उन्होंने बताया तो दोनों टाल गईं। उन्होंने बेटे राकेश को जगाया। राकेश ऊपर जाने लगा तो स्टाफ ने रोक लिया। फिर भी जिद करके राकेश तीसरी मंजिल की छत पर गए तो वहां पूजा नहीं थी। नीचे देखा तो उसकी लाश पड़ी था। नीचे आने के बाद भी स्टाफ ने बाहर जाने देने के लिए गेट नहीं खोला। बमुश्किल गेट खुलवाकर वे लोग पीछे गए तो देखा कि पूजा की मौत हो चुकी है। सास राजवती का कहना था कि स्टाफ का व्यवहार बहुत रूखा था। कुछ महिला कर्मी तो डांटकर ही बात करती थीं। सीधे तरीके से कुछ नहीं बताया जाता था।

ऑपरेशन के बाद से ही अवसाद में थी
सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि पूजा को डिलीवरी के बाद पोस्टपार्टम साइकोसिस बीमारी हो गई थी। सीजर की स्थिति में कुछ पेशेंट में इसका खतरा रहता है। इसमें महिला अवसाद में आ जाती है और जान देने की कोशिश करती है। उन्होंने जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल को इस बारे में आकर बताया था। उन्होंने पूजा का परीक्षण कर उसे दवा भी दी। इसके बाद पूजा के पति और सास को भी अंदर रहने की अनुमति दे दी गई। स्टाफ को पूजा की निगरानी को कहा था। किस स्तर पर लापरवाही हुई है वे इसकी जांच कराएंगी। अभद्रता के आरोप की भी जांच होगी और जो स्टाफ दोषी मिलेगा उस पर निश्चित ही कार्रवाई होगी।
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