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डीएनए टेस्ट के लिए आने से बच रहे दंपती

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बरेली। निजी अस्पताल पर बेटा बदलकर बेटी देने का आरोप लगाने वाला दंपती डीएनए टेस्ट से बच रहा है। बाल कल्याण समिति के बुलावे पर भी गुरुवार को वे लोग नहीं पहुंचे। वहीं, निजी अस्पताल में पल रही बच्ची अब स्वस्थ होने लगी है।
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बाल कल्याण समिति के सदस्य डीएन शर्मा ने बच्चे के पिता रामपुर जिले के थाना कैमरी के गांव डंडिया निवासी होरीलाल और मां ममता गंगवार को बयान दर्ज कराने के लिए 11 जून को बुलाया था। मगर उस दिन सिर्फ होरीलाल ही समिति के समक्ष पेश हुए और पत्नी को बीमार बता दिया। कहा था कि समिति चाहे तो वह अकेले बयान दे सकते हैं। इस पर सदस्य डीएन शर्मा ने कहा कि बयान संयुक्त ही होंगे। समिति का कहना था कि अगर दंपती अपनी बेटी न होने का शपथपत्र देते हैं तो बच्ची को किसी शेल्टर होम में दे दिया जाएगा। फिर नए तरीके से उसे योग्य अभिभावकों को सौंपा जाएगा। इसी क्रम में बच्ची और दंपती का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर समिति आगे कार्रवाई करेगी। इसके लिए समिति ने गुरुवार को दंपती को बयान के लिए बुलाया गया था। मगर न तो होरीलाल समिति के समक्ष पेश हुए और न ही उनकी पत्नी। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई के लिए दंपती को फिर नोटिस जारी किया जाएगा।
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