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धान कुटाई का था ठेका, चावल सप्लाई का दिया ऑर्डर

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हाफिजगंज। धान कुटाई का ठेका देने के बजाय नवाबगंज मंडी सेंटर इंचार्ज ने राइस मिल को चावल पहुंचाने के लिए विभाग से 45 लाख रुपये जारी करा दिए। मगर राइस मिलर ने 16 लाख का माल नहीं पहुंचा तो खलबली मच गई। अब सेंटर इंचार्ज राइस मिल मालिक पर दबाव बनाकर मामला निपटवाने के लिए पुलिस की शरण में हैं। मंगलवार को हाफिजगंज थाने में मिल मालिक को बुलाकर पंचायत हुई तो उसने 15 दिन का समय मांग लिया। वहीं, पूरा मामला खुलने पर सेंटर इंचार्ज ने चुप्पी साध ली है।
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नवाबगंज मंडी से सेंटर इंचार्ज दिग्विजय सिंह को 403 क्विंटल प्रति लाट के हिसाब से धान की साढे़ सात लाट धान देना था। इसकी कुटाई का ठेका 2018-19 में हरहरपुर की फैमिली इंटरप्राइजेस राइस मिल को दिया गया था। मगर उन्होंने धान न देकर सीधे चावल पहुंचाने का ठेका करा दिया। यह काम 30 जून तक हरहाल में निपटाना था। करीब 45 लाख का भुगतान भी कर दिया गया था, मगर सरकारी गोदाम में 29 लाख का चावल ही पहुंचाया गया। 30 जून को ठेके का समय खत्म हो रहा है और चावल पूरा न पहुंचने से विभाग में खलबली मची है। अधिकारियों ने राइस मिलर इकरार अहमद को बुलाकर पैसा वापस करने चावल देने को कहा। मगर उसने न तो रकम लौटाई, न ही चावल पहुंचाया। खुद को फंसता देख नवाबगंज मंडी के सेंटर इंचार्ज दिग्विजय सिंह ने मिल मालिक इकरार अहमद के खिलाफ थाना हाफिजगंज में शिकायत की। इस पर राइस मिलर को थाने बुलाया गया तो उसने बताया कि धान खरीदने के लिए रुपये दिए थे, लेकिन अब तक धान नहीं मिला। इससे रकम फंस गई, 15 दिन में रुपये दे देगा।

कहां गया किसान से खरीदा धान
वहीं, सवाल उठ रहा है कि जो धान किसानों से खरीदा गया, वह कहां गया जो सीधे चावल पहुंचाने के लिए ठेका दे दिया गया। इधर, राइस मिलर का कहना है कि उन्हें धान की कुटाई के लिए दस रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता है। मगर इस बार धान नहीं दिया गया।
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नवाबगंज मंडी सेंटर इंचार्ज की तहरीर पर राइस मिलर को थाने बुलाया गया था। तय हुआ है कि वह 20, 24 और 27 तारीख तक तीन बार में पूरी रकम अदा कर देगा। - सौरभ सिंह, एसओ हाफिजगंज
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