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जिला अस्पताल में टीबी रोगियों से भी घूसखोरी!

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बरेली। एक तरफ भारत आयुष्मान योजना का देश व्यापी राजनीतिक प्रचार है तो दूसरी तरफ जिला अस्पताल में टीबी रोगियों से भी दवा देने के बदले पैसा मांगा जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में टीबी की दवा लेने पहुंचे एक रोगी से 500 रुपये मांगे गए तो वह सीएमओ के पास शिकायत करने पहुंच गया। सीएमओ के कहने पर वह दोबारा दवा लेने पहुंचा तो स्टाफ ने इस बार उससे बदसलूकी भी कर डाली। पहले तो उसे जमकर भला-बुरा कहा, फिर दवा देने के बजाय उसकी मेडिसिन डायरी भी छीनकर अपने पास रख ली। रोता हुआ मरीज दोबारा अफसरों के पास पहुंचा, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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डेलापीर इलाके में रहने वाले राजेश कई सालों से एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) टीबी रोग से पीड़ित हैं। उनका टीबी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पिछले छह महीनों से भी ज्यादा समय से वह नियमित दवा ले रहे हैं। राजेश के मुताबिक सोमवार को जब वह दवा की किट लेने टीबी अस्पताल पहुंचे तो दवा का वितरण कर रहे कर्मचारी ने उनसे 500 रुपये मांगे। उसने इस पर विरोध जताते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया और सीएमएस डा. केएस गुप्ता के कार्यालय में पहुंचकर इसकी शिकायत कर दी। सीएमएस ने इसकी जानकारी फोन पर सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल को दी और राजेश को उन्हें के कार्यालय में भेज दिया।
सीएमओ ने राजेश से लिखित शिकायत लेने के बाद आरोपी कर्मचारी को बुलाया और राजेश के सामने ही डांट लगाने के बाद उन्हें दवा देने को कहा। इसके बाद राजेश जब दोबारा दवा लेने पहुंचे तो आरोपी और उसके साथी कर्मचारियों ने उनसे जमकर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि स्टाफ ने बगैर 500 रुपये दिए दवा देने से साफ इनकार कर दिया। वह दोबारा सीएमओ के पास जाने लगे तो उनकी मेडिसिन डायरी भी छीनकर अपने पास रख ली और उन्हें झिड़ककर भगा दिया। रोते हुए राजेश दोबारा सीएमएस के पास पहुंचे तो वहां भीड़ लग गई। सूचना पर सीएमओ भी मौके पर पहुंच गए। टीबी अस्पताल के कर्मचारियों को भी बुलाया गया। सीएमओ ने पीड़ित को दवा दिलवाई और उसे जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। शोर मचता देख पुलिस भी पहुंच गई।
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टीबी रोगी राजेश की शिकायत की जांच के लिए डॉ. आरएन गिरि को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। जांच में यदि उनके आरोप सही पाए गए तो दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
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