पीलीभीत। ध्यान योग केंद्र बनाने के नाम पर डीएम आवास से सटे इलाके में हरे पेड़ काटने के मामले में कई रसूखदार लोग भी लपेेटेंगे आएंगे। उन्हीं के इशारे पर ग्रीनबेल्ट के पेड़ काटे गए। रेंजर ने मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट विभाग के प्रभागीय कार्यालय भेज दी है। हालांकि अभी अफसरों ने इसका संज्ञान नहीं लिया है, लेकिन मामले में कार्रवाई तय मानी जा रही है।
टनकपुर हाइवे पर डीएम आवास के निकट विनियमित क्षेत्र के अभिलेखों में दर्ज ग्रीनबेल्ट एरिया की भूमि पर कुछ माह पूर्व अवैध कब्जाकर ध्यान योगकेंद्र खोला गया था। यही नहीं इसको स्थापित करने के लिए तमाम हरे पेड़ काट दिए गए। चूंकि जिले के एक बड़े प्रशासनिक अफसर का सहयोग था इसलिए पूरे मामले पेच नहीं फंसा। इसके पीछे अवैध कब्जेदारों की मंशा क्षेत्र के निकट एक कॉलोनी स्थापित करने की थी। डीएम वैभव श्रीवास्तव के संज्ञान में मामला आया तब अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मचा। कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अवैध कब्जेदारों ने रातों रात जेसीबी मशीन की मदद से ध्यान योग केंद्र का नामोनिशान मौके से हटवा दिया। जब मामले में डीएम सख्त हुए तो ग्रीनबेल्ट क्षेत्र में काटे गए पेड़ों को लेकर विभागीय अफसरों ने भी संजीदगी दिखाई। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रभागीय निदेशक ने पूरे मामले की जांच सदर रेंजर सतेंद्र सिंह को सौंपी। रेंजर ने जांच पूरी कर ली है। इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रभाग के कार्यालय भेज दी गई है, लेकिन अफसरों ने फिलहाल रिपोर्ट को संज्ञान नहीं लिया है। ऐसा माना जा रहा है उक्त मामले में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ग्रीन बेल्ट क्षेत्र की खाली भूमि पर होगा पौधरोपण
ग्रीन बेल्ट क्षेत्र के अंतर्गत खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कराया जाएगा। इसके लिए डीएम ने संबंधित विभाग को दिशानिर्देश दे दिए हैं। विभाग ने पौधरोपण की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान मामले की जांच सदर रेंजर को दी गई थी। जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा उक्त क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कराया जाएगा। - संजीव कुमार, प्रभागीय निदेश, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग