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बीसलपुर रोड- पांच इंजीनियर सस्पेंड.. फिर भी दो महीने में टूट गई सड़क

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बरेली। मोदी जी भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बरेली से जुड़े हाईवे और सड़कें एक के बाद एक भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बनती जा रही हैं। वह भी तब जब हेराफेरी के ये मामले स्थानीय उच्चाधिकारियों से लेकर शासन तक की जानकारी में हैं। लखनऊ और सितारगंज हाईवे के बाद अब बीसलपुर रोड को भी खतरों की सड़क बना दिया गया है। पिछले साल इस सड़क को चौड़ा करके दोबारा बनाने के 24 करोड़ के प्रोजेक्ट में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने जबर्दस्त घपले किए थे। शासन तक मामला पहुंचने के बाद पांच इंजीनियरों को सस्पेंड कर सड़क की मरम्मत के लिए पौने तीन करोड़ रुपये दोबारा दिए गए। इस रकम से मार्च में ही सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन दो ही महीने के अंदर सड़क फिर टूटने लगी है। यही नहीं, कई जगह सड़क अधूरी बनी छोड़ दिए जाने से खतरों का भी अंदेशा बना हुआ है।
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करीब 26 किलोमीटर लंबाई की बीसलपुर रोड को चौड़ा करने के साथ उस पर कोलतार की नई लेयर बिछाने का कांट्रेक्ट कई साल साल पीडब्ल्यूडी ने एवरग्रीन इन्फ्रा बिल्ड लिमिटेड कंपनी को दिया था। इस प्रोजेक्ट को नवंबर 2016 में पूरा होना था, लेकिन कंपनी ने समय के बाद भी काम पूरा नहीं किया और कई साल तक रोड अधूरी बनी पड़ी रही। ऊबड़-खाबड़ सड़क पर आए दिन होने वाले हादसों में कई लोगों की जान तक चली गई, पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया। पिछले साल मामला शासन तक पहुंचा जिसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पांच इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था। इसके साथ पीडब्ल्यूडी ने इस रोड को दुरुस्त करने के लिए करीब पौने तीन करोड़ का दोबारा ठेका दे दिया।
पौने तीन करोड़ की रकम से मार्च में ही बीसलपुर रोड की मरम्मत का काम पूरा हुआ है लेकिन घटिया क्वालिटी के निर्माण की वजह से दो महीने के अंदर ही यह सड़क टूटने लगी है। नवदिया झादा के पास तो रोड काफी खराब हो गई है। कैलाश पुल के दोनों तरफ भी रोड का हिस्सा काफी खराब है। दौलतपुर खरदहा और डंडिया नवाजिश के पास भी रोड का काफी हिस्सा उधड़ गया है। इसी तरह सड़क पर कई और जगहों पर रोड के किनारे टूट रहे हैं। रोड कई जगह दरकने के साथ उस पर गड्ढे भी हो रहे हैं। भड़रिया से मडरा मोड़ तक करीब पौने दो किलोमीटर रोड का हिस्सा तो ठेकेदार ने बनाया ही नहीं है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने भी ठेकेदार की यह मनमानी अनदेखी कर दी है।
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भड़रिया मोड़ पास बना दिया एक्सीडेंट जोन
बीसलपुर रोड पर भड़रिया मोड़ के पास पीडब्ल्यूडी ने रपटा पुल की एप्रोच रोड की ऊंचाई काफी ज्यादा कर दी है। इससे गाड़ियों को इस पर चढ़ने में दिक्कत हो रही है। एप्रोच रोड के खत्म होते ही हाईवे है। लिहाजा यहां एक्सीडेंट जोन बन गया है।

काम छोड़कर भागी कंपनी के स्टोर से सैकड़ों क्ंिवटल रेत-बजरी गायब
बीसलपुर रोड को चौड़ा करने के साथ नए सिरे से बनाने का ठेका पहली बार जिस कंपनी को दिया गया था, उसने मडरा सुमन और भैस्टा जलालपुर गांव में अपने स्टोर बना रखे थे। बताया जाता है कि इन स्टोरों में सैकड़ों क्ंिवटल रेत और बजरी भरा हुआ था। कंपनी के काम अधूरा छोड़कर भागने के बाद इस सामान को गुपचुप ढंग से गायब करा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने जिन लोगों का उधार चुकता नहीं किया था, शायद वही लोग इस मैटेरियल को ले गए हैं।

पीडब्ल्यूडी ने डीएम से जारी कराई नौ करोड़ की आरसी
इस रोड का काम अधूरा छोड़ने पर पीडब्ल्यूडी को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने करीब नौ करोड़ की वसूली के लिए पीलीभीत के डीएम से आरसी जारी कराई है, ताकि ठेकेदार की संपत्ति की नीलामी करके इसकी भरपाई कराई जा सके।

इस सड़क का दोबारा सर्वे होगा। जहां भी दिक्कत आ रही है, उसे ठीक कराया जा सकेगा। यह सही है कि बजट की कमी से सड़क के कुछ हिस्से ठीक नहीं कराए जा सके हैं। - राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर
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