बरेली। नगर आयुक्त और पार्षदों के बीच में छिड़ा विवाद गहराता जा रहा है। उपसभापति अतुल कपूर ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मेयर उमेश गौतम को पत्र लिखकर कहा है कि शहर में सफाई, गड्ढों समेत अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कर्मचारी न होने की बात कहकर गुमराह किया जा रहा है। वहीं, नगर आयुक्त आवास पर बने कैंप कार्यालय में 15 कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने मेयर को इन कर्मचारियों के नाम बताकर मूल पद पर भेजने की मांग की है।
उपसभापति ने अपने पत्र में लिखा है कि शहर के 80 वार्डों से लगातार गंदगी, जलभराव और सड़कें खराब होने की शिकायतें नगर निगम में आ रही हैं। निगम के अधिकारियों का ध्यान इन समस्याओं को खत्म करने में नहीं है। अधिकारी जनता और पार्षदों को निगम में कर्मचारियों की कमी बताकर गुमराह कर रहे हैं। वहीं, नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. निगम ने अपने आवास पर कैंप कार्यालय बनाकर अधिनियम और शासनादेश के विरुद्ध निजी कार्य के लिए 15 कर्मचारियों को लगा रखा है। वह इन कर्मचारियों से अपना निजी काम कराते हैं और वेतन निगम के कोष से निकाला जा रहा है। इससे निगम के कोष को क्षति पहुंच रही है। वहीं, शहर में व्याप्त गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा है। उन्होंने मेयर से मांग की है कि जैसे नगर आयुक्त ने शासनादेश के बाद स्वास्थ्य विभाग के 28 कार्यवाहक वाहन चालकों को मूल पदों पर भेजा था, उसी तरह इन कर्मचारियों के हटाने के लिए निर्देशित करें।
उपसभापति ने मुझे पत्र भेजा है। इस संबंध में मैंने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है कि कैंप कार्यालय पर जितने कर्मचारी आवश्यक हैं, उन्हीं को रखा जाए। बाकी कर्मचारी हटाकर मूल पदों पर भेज दिए जाएं।
- उमेश गौतम, मेयर